
इमाम व मोहसिन ने लगाया तत्कालीन मुतवल्ली पर घोटाले का आरोप
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने वक्फ मस्जिद पत्थर वाली वाकिफ शेख महबूब हुसैन स्थित फतेहगढ़ वक्फ संख्या 61 के प्रबंध हेतु मोहम्मद अम्बर खान मुतवल्ली की तौलियत के कार्यकाल में बोर्ड के सदस्य के आदेश 15 दिसंबर 2022 तक संबंधित कार्यालय 16 दिसंबर 2022 को वक्फनामा की शरायत के खिलाफ होने के कारण वापस ले लिया गया है।

इस संदर्भ में विधि अधिकारी अब्दुल मोबीन खान ने इस संदर्भ में पत्र जारी करते हुए इसकी एक प्रतिलिपि डीएम व नय मुतवल्ली फैसल खान, प्रभारी अंकक्षेण, प्रभारी अभिलेखागार, क्षेत्रीय अंकेक्षक, वैयक्तिक सहायक अध्यक्ष, वैयक्तिक सहायक विधिक अधिकारी को भी भेजी गई है। नए मुतवल्ली नियुक्त किए जाने पर आसपास चर्चाएं शुरू हो गई है की वक्फ की भूमि पर चौराहे के निकट मार्केट में बड़े घोटाले होने की संभावना है। सूत्रों की माने तो तत्कालीन मुतवल्ली अंबर खान ने दुकानदारों से लाखों रुपया लिया है, लेकिन जमा नहीं किया। लोगों कहना है कि नए मुतवल्ली के चार्ज लेने पर स्थिति साफ होगी की घोटाला हुआ है तो कितने का हुआ है या सिर्फ अफवाहें हैं। वहीं वक्फ बोर्ड के एक अधिकारी ने मौका मोआयना किया। तो उनके सामने मस्जिद के इमाम वी मोहसिन ने तत्कालीन मुतवल्ली के द्वारा सैलरी न दिए जाने की बात कही और यह भी बताया कि नवाजियों द्वारा जो दान पत्र में पैसा डाला जाता है, इससे हम लोगों को तनखाह मिलती, जिससे गुजारा कर रहे हैं। हम लोगों को तत्कालीन मुतवल्ली द्वारा कभी भी सैलरी नहीं दी गई। इन लोगों की माने तो इनका भी यह कहना है कि तत्कालीन मुतवल्ली ने जो गोलमाल किया है पूरे मामले की जांच करायी जाये और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाए।
