किसानों ने जाना ड्रैगन फ्रूट, आंवला एवं बेल की खेती।

समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से किसानों के 60 सदस्यीय दलों की टीम आचार्य नरेंद्र देव कृषि एंव प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज पहुंची।इस दौरान किसानों ने आंवला,बेल,बेर जामुन एवं ड्रैगन फ्रूट्स इत्यादि को बारीकी से जाना।उद्यान एवं मानकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ संजय पाठक ने किसानों को बैज्ञानिक ढंग से नर्सरी एवं ड्रैगन फ्रूट्स के बारे में विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 20 से 36 डिग्री तापमान अच्छा माना जाता है।पौधों के विकास एवं अच्छे उत्पादन के लिए अच्छी रोशनी व धूप वाले क्षेत्र में लगाना चाहिए।इसकी खेती के लिए दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है।परियोजना के अन्वेषक डा.एच के सिंह ने बताया कि आंवला में जंग रोग काफी आम है।यह रोग उत्तर प्रदेश के इलाकों में ज्यादातर पाया जाता है।यह रोग रैवेनेलिया एम्ब्लिका के कारण होता है।इस रोग के कारण पौधे फलों और पत्तियों पर काले या गुलाबी-भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं।इससे बचाव के लिए जुलाई-सितंबर में डाइथेन-जेड-78 के वेटेबल सल्फर का छिड़काव कर जंग रोग का उपचार किया जा सकता है। किसानों का कहना है कि वे आगामी बारिश के दिनों में लगभग 50 हजार पौधे आंवला, जामुन,बेर एवं बेल का लगाएंगे।भ्रमण पर आए किसानों को बेल, बेर,आंवला जामुन की तकनीकी पत्रिका वितरित की गई।नंदलाल शर्मा ने तकनीकी एवं पौध लगाने की जानकारी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *