पीडीए पाठशाला,चलाने वाले सपा नेताओं पर एफआईआर, अखिलेश यादव बोले: ऐसा तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया

समृद्धि न्यूज। पेयरिंग विद्यालय में पीडीए पाठशाला चलाने पर जहां शासन की नजर हैं, वहीं यह मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट पर इसे अंग्रेजों से भी बड़ी तानाशाही बताया है। प्रतापगढ़ ही नहीं कई जिले में पेयरिंग में बंद किए गए प्राइमरी स्कूलों में सपा के जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी पीडीए कार्यशाला चलाए थे। इस पर शासन सख्त हो गया है। प्रतापगढ़ के प्राथमिक स्कूल नरायनपुर कला द्वितीय में ऐसे आयोजन पर सपा के रानीगंज विधायक डा0 आर के वर्मा समेत तीन पर शुक्रवार को फतनपुर में केस भी दर्ज हो गया।
वहीं सहारनपुर में सपा नेता फरहाद आलम के घर के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें ड्रेस पहने प्राइवेट स्कूल के कुछ बच्चों को राजनीतिक वर्णमाला, सिखायी जा रही है। आरोप है कि सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान से जुड़ी चीजें पढ़ाई गईं। बच्चों को कथित तौर पर राजनीतिक वर्णमाला पढ़ाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इस पाठशाला में ए-फॉर अखिलेश, डी-फॉॅर डिम्पल और एम-फॉर मुलायम का ककहरा पढ़ाया जा रहा था और इस वजह से भावनाएं आहत होने के आरोप में सपा नेता के खिलाफ देहात कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है।
हालांकि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले में केस दर्ज किए जाने की निंदा की है। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) व्योम बिंदल ने रविवार को बताया कि रामपुर मनिहारन क्षेत्र में रहने वाले मेम सिंह ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर सपा नेता के फरहाद गाडा पर आरोप लगाया कि वह पीडीए पाठशाला में बच्चों को ए-फॉर एप्पल की जगह ए-फॉर अखिलेश, बी-फॉर बॉल की जगह बाबा साहेब, डी-फॉर डिंपल और एम-फॉर मुलायम सिंह यादव का पाठ पढ़ा रहे हैं, इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
मामला तब सामने आया जब रामनगर में फरहाद गाडा के आवास पर कथित तौर पर एक वीडियो बनाया गया और यह वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में दिख रहे बच्चे कथित तौर पर एक प्राइवेट स्कूल के छात्र थे और स्कूल की वर्दी पहने हुए थे।

एसपी सिटी बिंदल ने बताया कि तहरीर के आधार पर फरहाद गाडा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (2) (विभिन्न धार्मिक, जातीय या भाषाई समूहों के बीच शत्रुता, घृणा या दुश्मनी पैदा करने या बढ़ावा देने के इरादे से झूठी जानकारी, अफवाहें या डराने वाली खबरें फैलाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वी) (अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत 10 साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध) के तहत केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।

बीजेपी का शिक्षा विरोधी चेहरा: अखिलेश यादव

सपा नेता के खिलाफ एफआईआर पर अखिलेश यादव भडक़ गए। उन्होंने एफआईआर को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, पढ़ाई के लिए तो अंग्रेजों ने भी एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी। बीजेपी का शिक्षा-विरोधी चेहरा अब जनता के सामने आ गया है। बीजेपी अब हमेशा के लिए जाएगी, निंदनीय,

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