राजस्थान: आईएएस दंपत्ति विवाद में एफआईआर, पति पर बंधक बनाने व घरेलू हिंसा का आरोप

समृद्धि न्यूज। राजस्थान में आईएएस महिला अधिकारी भारती दीक्षित ने अपने पति आशीष मोदी के खिलाफ घरेलू हिंसा, शारीरिक उत्पीडऩ, ब्लैकमेल, अपहरण और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कराया है। भारती दीक्षित ने आरोप लगाया कि मोदी ने शादी के दौरान भावनात्मक दबाव डाला और बाद में उन्हें बंधक बना लिया।
राजस्थान की आईएएस भारती दीक्षित ने अपने पति आईएएस आशीष मोदी पर मुकदमा दर्ज कराया है। वित्त विभाग की संयुक्त सचिव भारती दीक्षित (2014 बैच वर्तमान राजस्थान कैडर) ने अपने पति और सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के निदेशक आशीष मोदी के खिलाफ 7 नवंबर को एसएमएस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दीक्षित ने पति पर शराब के नशे में धमकाने, अवैध संबंध रखने, तलाक के लिए दबाव बनाने, किडनैप करने और ब्लैकमेल करने जैसी गम्भीर धाराओं में आरोप लगाए हैं। भारती दीक्षित की शिकायत के अनुसार शादी के समय आशीष मोदी ने अपने कैडर संबंधी जो जानकारी दी थी, वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती थी। आईएएस चयन के समय उनके पिता कैंसर से पीडि़त थे और उस असहाय स्थिति का फायदा उठाकर मोदी ने उनसे शादी करवाई थी, ताकि उन्हें राजस्थान कैडर मिल सके। शादी के बाद ही कई बातों का सच पता चला और विवाद शुरू हो गया। वहीं आशीष मोदी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में निदेशक हैं। आशीष मोदी अक्सर शराब पीते हैं, आपराधिक तत्वों के साथ जुड़े रहते हैं। उनके व्यवहार पर सवाल उठाने पर अक्सर मारपीट करते थे। भारती ने कहा कि 2018 में उनके यहां बेटी जन्मीं, जिसके बाद घरेलू हिंसा और बढ़ गई। दुव्र्यवहार के कारण उन्हें कुछ समय के लिए जयपुर छोडऩा पड़ा, लेकिन मातृत्व अवकाश के बाद वह वापस लौट आई। तलाक न देने पर हत्या की धमकी उन्होंने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2025 में आशीष मोदी और उनके एक सहयोगी ने उन्हें एक सरकारी गाड़ी में अगवा कर लिया, कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा। तलाक न देने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। भारती ने यह भी कहा कि आशीष मोदी ने उनके कमरे में गुप्त कैमरा लगाया और गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंचने के लिए उनके मोबाइल फोन को अवैध रूप से अन्य उपकरणों से कनेक्ट किया। आशीष मोदी के दो सहयोगियों सुरेंद्र विश्रोई और आशीष शर्मा का नाम है, जिन पर भारती दीक्षित ने धमकी देने और अवैध रूप से बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *