मिर्जापुर,शाहजहांपुर(समृद्धि न्यूज)। क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से त्राहि त्राहि मची हुई है। गंगा के खादर में बसे तीन दर्जन से अधिक गांव न केवल पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं,बल्कि इन गांवों के आवागमन के लिए बनी सड़कें,स्टेट हाइवे के जगह जगह बह जाने से बाढ़पीड़ितों की दिनचर्या थम सी गई हैं। जिससे बाढ़ग्रस्त गांवों में जाने व इमरजेंसी में गांवों से बाहर आने के लिए नाव का ही एकमात्र सहारा रह गया है। तहसील प्रशासन की नजर में सिर्फ ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर,भरतपुर व गुटेटी उत्तर के मजरों में ही बाढ़ दिखाई दे रही है। जबकि इन ग्राम पंचायतों के निकटम ग्राम निविया नगला, एत्मादपुर, चक, पिंडरिया, मोती नगला, बांसखेड़ा, मुस्तफा नगर,कछियन नगला, मुड़िया खेड़ा,भौंरा नगला,आदि गांवों के हालत भी बाढ़ से बदतर हैं।
इन गांवों को जाने वाले बलदेवपुर – हेतमपुर मार्ग पर ग्राम एत्मादपुर के समीप दो से तीन फिट गहराई में बाढ़ का पानी बह रहा है। बाढ़पीड़ित अपनी गृहस्थी का सामान बैलगाड़ी में भरकर सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारियों में पलायन कर रहे हैं। जलालाबाद – ढाईघाट, शमशाबाद हाइवे पर ग्राम ढाई के आगे ग्राम बलदेवपुर से लेकर लगभग दस किलोमीटर ढाईघाट तक जगह जगह दो से तीन फिट की गहराई में बाढ़ का पानी तेजी से बह रहा है। जिससे हाइवे जगह जगह कट गया है। जिसमें दुर्घटनाओं का अंदेशा बढ़ गया है। प्रशासन ने ग्राम गुटेटी के निकट डिप पर पुलिस का बैरियर लगाकर आमजन का आवागमन रोक दिया है। आने जाने वालों को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। बाढ़ क्षेत्र के अधिकांश स्कूल कॉलेज भवन जलमग्न हो जाने तथा आवागमन के रास्तों पर जलभराव होने से बंद कर दिए गए हैं। बाढ़पीड़ितों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए सीएचसी जरियनपुर के प्रभारी डॉ0 आदेश रस्तोगी के नेतृत्व में मेडिकल टीम को इस्लाम नगर में कैंप लगाने के लिए स्टीमर से भेजा गया है। नायब तहसीलदार अमित कुमार राजस्व निरीक्षक अनुराग शर्मा,उमेश कटियार,रामकुमार श्रीवास्तव,लेखपाल योगेश कुमार,हिमांशु रंजन आदि बाढ़ क्षेत्र में नाव से भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। किंतु अभी तक किसी बाढ़पीड़ित को बाढ़ राहत के नाम पर अंधेरी रात में रोशनी के लिए एक एक माचिस और कैंडल तक मुहैया नहीं करवाई गई है।
मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से हालत खराब, बाढ़ पीड़ित पलायन करने को मजबूर
