बाढ़ का पानी कुठिला झील शिव मंदिर तक पहुंचा, गांवों में जनजीवन अस्त व्यस्त

अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। गंगा और रामगंगा नदियों के बीच बसा अमृतपुर क्षेत्र एक बार फिर बाढ़ की मार झेल रहा है। गंगा का जलस्तर इस कदर बढ़ गया है कि लहरें अमृतपुर स्थित प्राचीन कुठिला झील शिव मंदिर तक पहुंच गईं। यह मंदिर स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाओं से गहराई से जुड़ा स्थल है। जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बाढ़ ने दर्जनों गांवों में तबाही मचाई है। मडैय़ा तौफीक, मंझा की मडैय़ा, आसमपुर, करनपुर घाट, कुडऱी सारंगपुर, खुशहाली नगला, माखन नगला, पंचम नगला, जैतपुर, बनारसीपुर, हमीरपुर, मियां पट्टी, रोशन नगला, किराचन, फकरपुर और तौफीक सहित कई गांवों में खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। इससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। गांवों की गलियां और मुख्य रास्ते पानी में डूब जाने से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। नाव या अस्थायी पुल के सहारे ही आवाजाही हो रही है। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और यदि यही स्थिति बनी रही, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चुनौती खड़ी हो गई है। बाढग़्रस्त इलाकों में फिलहाल प्रशासन की ओर से राहत व बचाव कार्य जारी है, लेकिन प्रभावित लोग और अधिक मदद की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से पानी भरे क्षेत्रों में न जाने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *