क्षेत्रीय वन्य अधिकारी राजेश कुमार को नहीं है जानकारी
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। वन विभाग के दो सैकड़ों पेड़ों को कटवाकर वन दरोगा ने गुपचुप तरीके से एक लकड़ी माफिया को बेंच दिया। जबकि वन्य अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के अनुसार गदनपुर चैन में निकली वन विभाग की जमीन पर खड़े दो सैकड़ा से अधिक पेड़ों को वन दरोगा समीर सेंगर ने षडयंत्र के चलते पहले पेड़ों को जेसीबी से उखड़वा दिया और बाद में दो सैकड़ा से अधिक पेड़ों को क्षेत्र के ही एक लकड़ी माफिया को मोटी रकम लेकर बेंच दिया। जिससे सरकारी राजस्व को लाखों का चूना वन दरोगा समीर सिंह सेंगर ने लगा दिया। जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि दो सैकड़ा से अधिक पेड़ों का सौदा वन दरोगा ने औने पौने दामों में बिना किसी उच्चाधिकारी को सूचित किए हुऐ क्षेत्र के ही अपने चहेते एक लकड़ी माफिया को कर दिया है। सबसे मजेदार बात तो यह है कि जब मौके पर जाकर जानकारी की गई तो ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लगभग 5 एकड़ के करीब जमीन पर भारी भरकम पेड़ों का एक वन था। जिसमें करीब दो सैकड़ा से अधिक पेड़ खड़े हुए थे। कुछ दिनों पहले वन्य विभाग की टीम के द्वारा बताया गया कि यह जमीन वन्य विभाग की है। शातिर वन दरोगा समीर सिंह सेंगर ने एक षडयंत्र के तहत वन्य विभाग की जमीन पर खड़े पेड़ों को पहले जेसीबी से उखड़वा दिया और उसका सौदा अपने ही चहेते एक लकड़ी माफिया को कर मोटी रकम वसूल कर ली। मौके पर एक जेसीबी द्वारा पेड़ों को लगातार उखाड़ा जा रहा था और एक ट्रैक्टर से जमीन का समतलीकरण भी किया जा रहा था। वहीं जब इस संबंध में कायमगंज क्षेत्र के क्षेत्रीय वन्य अधिकारी रेंजर राजेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम गदनपुर चैन में कुछ जमीन वन विभाग की पाई गई थी। जिस पर साफ -सफाई का काम कराया जा रहा है। लकड़ी किसको बेची गई है इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों के अनुसार उक्त जमीन पर वन संपदा थी। हालांकि इस प्रकरण में रेंजर ने जानकारी से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। उन्होंने बताया है कि विभाग की जमीन निकली है जिसका साफ -सफाई का काम जारी है।
वन विभाग के दो सैकड़ा पेड़ों का वन दरोगा ने किया सौदा
