घर-घर पधारे गणपति, पूरे देश में गणपति बप्पा मोरया की गूंज, स्थापना का शुभ मुहूर्त पूजा, विधि और महत्व

समृद्धि न्यूज। 10 दिवसीय गणेश महोत्सव की शुरुआत आज यानी 27 अगस्त से हो गई है, जिसका समापन अनंत चतुर्दशी पर होगा। गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपन-अपने घरों में गणेश जी की स्थापना करते हैं और 10 दिनों तक उनकी सेवा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गणपति बप्पा को घर में विराजित करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शुभता का वास होता है। इस शुभ अवसर पर सही समय पर गणेश स्थापना करना अत्यंत फलदायक होता है। वैसे तो हर माह की चतुर्थी तिथि गणेश जी की पूजा के लिए बेहद शुभ मानी गई है, लेकिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का हिंदू धर्म में खास महत्व है, क्योंकि इस तिथि को गणपति बप्पा के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में बड़ी धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। हर साल गणेश चतुर्थी का उत्सव 10 दिनों तक चलता है, जो गणेश जी के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस बार 10 दिवसीय गणेश महोत्सव आज 27 अगस्त से शुरू हो गया हैए जो कि 6 सितंबर तक चलेगा। गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में गणेश जी की स्थापना करते हैं और 10 दिनों तक उनकी श्रद्धाभाव से सेवा करते हैं। कुछ घरों में पूरे 10 दिनों तक बप्पा को स्थापित किया जाता है, तो कहीं-कहीं 3, 5 या 7 दिनों के लिए भी गणेश जी की स्थापना की जाती है।

क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इसी दिन भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। एक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने स्नान करते समय अपने शरीर के उबटन से एक बालक को बनाया और उसे द्वार पर खड़ा कर दिया, ताकि कोई अंदर न आए। उसी दौरान भगवान शिव वहां पहुँचे और जब उस बालक ने उन्हें रोक दिया, तो शिव जी क्रोधित हो गए और उसका सिर काट दिया। यह देखकर माता पार्वती बहुत दुखी हुईं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए भगवान शिव ने बालक को फिर से जीवित किया और एक हाथी के बच्चे का सिर उसके धड़ पर लगाकर उसे नया जीवन दिया। तभी से यह बालक गणेश कहलाया और भगवान शिव ने घोषणा की कि संसार में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाएगी।

गणेश चतुर्थी पंचांग

अमृत काल-07:33 से सुबह 09:09
शुभ चौघडिय़ा- सुबह 10:46 से दोपहर 12:22 तक
गणेश जी की मूर्ति को घर में स्थापित करने का सबसे शुभ मुहूर्त-11:05 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:40 तक

गणेश जी को क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

गणेश जी की पूजा में तुलसी, केतकी के फूल, चंद्रमा से जुड़ी सफेद चीजें (जैसे सफेद फूल, सफेद जनेऊ, बिना रंगीन चावल) और टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए। गणेश जी को मुरझाए या सूखे फूल और बासी फूलमाला भी नहीं चढ़ानी चाहिए।

गणेश जी का सबसे प्रिय भोग क्या है?

भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक है, जो कि नारियल और गुड़ से बनता है। मोदक के अलावा, गणेश जी को लड्डू (खासतौर पर बेसन और बूंदी के), केला, खीर और पयसम भी प्रिय हैं।

गणेश जी को भोग लगाने का मंत्र क्या है?

गणेश जी को भोग लगाने के लिए सबसे प्रसिद्ध मंत्र है:- त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।। इस मंत्र का अर्थ है कि मेरे पास जो कुछ भी है, वह आपका ही दिया हुआ है और मैं उसे आपको समर्पित करता हूंए कृपया इसे स्वीकार करें।

गणेश जी को कितने मोदक चढ़ाने चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी को 21 मोदक चढ़ाने चाहिए, ऐसा माना जाता है कि गणेश जी को 21 मोदक चढ़ाने से सभी विघ्न नष्ट होते हैं और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

गणेश चतुर्थी पर राहुकाल का भी रखें ध्यान

27 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से राहुकाल शुरू हो रहा है, इसलिए गणेश जी की मूर्ति स्थापना इससे पहले कर लेना शुभ माना जाता है। राहुकाल के समय कोई भी मंगल कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ काल माना गया है।

तमिलनाडु भी गणेश उत्सव के रंग में रंगा

 केरल में गणेश चतुर्थी की धूम

वस्त्रपुर का गणेश मंदिर

नागपुर के गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना

महाराष्ट्र: सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *