गीता एक ऐसा ग्रंथ जिसकी जयंती मनायी जाती

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्रीम्द भगवत गीता जयंती आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम का आयोजन बिर्राबाग स्थित रेडियन्टो हॉस्पिटल एवं काम्पलेक्स सभागार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा0 उमेश पालीवाल ने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनायी जाती है। गीता कार्य का रास्ता दिखाती है। गीता पूज्यनीय व अनुकरणीय है। सर्वभाव, सर्वधर्म की बात करती है। मुख्य वक्ता अमर नाथ ने कहा कि बलिराम हेडगेवार कहा करते थे प्रत्येक हिन्दू को सम्मान की नजरों से देखा जाये। उन्होंने कहा कि गीता का वितरण व जाप करना चाहिए। उमेश गुप्ता ने कहा कि गीता एक ऐसा ग्रंथ है जो स्वयं भगवान के मुख से संबोधन हुआ। गीता के माध्यम से हम विश्व गुरु बनने की ओर है। ओमकारदास महाराज ने कहा कि गीता पढऩे के बाद कुछ भी शेष नहीं रह जाता है। अनिल सिंह ने कहा कि गीता और गंगा के बारे सबको जानना चाहिए। मिथलेश अग्रवाल ने कहा कि जैसे कार्य करना अनिवार्य है। व्यक्ति उसी तरह गीता पढ़े और अपने बच्चों को गीता अवश्य पढ़ाये। रंगनाथ मिश्रा ने कहा कि पतित पावनी गंगा के तट पर गीता पढऩे से जीवन धन्य हो जाता है। श्याम सिंह ने कहा कि गीता मेरी पूजा है, गीता मेरा धर्म है। डा0 सुबोध वर्मा ने कहा कि वर्तमान एक यज्ञ है और प्रत्येक सनातनी इस यज्ञ में आहूति डाले। निशा गौतम, डा0 रजनी सरीन, प्रवीण, कमल किशोर पाण्डेय ने गीता के बारे में विचार रखे। इस मौके पर अनिल प्रताप सिंह, कार्यक्रम संयोजक जितेन्द्र सिंह, अलका सिंह, अरविन्द, प्रशांत पाठक, आशू अवस्थी, सुरेन्द्र पाण्डेय, प्रभात अवस्थी, महेश पाल सिंह उपकारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ——————————

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