मानव श्रंखला मनाकर धूमधाम से मनायी गई गीता जयंती

विद्यालयों में 18 श्लोकीय जीवन विकास पाठ का हुआ आयोजन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
श्रीमद् भगवत गीता जयंती आयोजन समिति द्वारा शनिवार को गीता संदेश मानव श्रंृखला महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कालेज में शैक्षिक एवं समाजिक संस्थाओं ने हाथ मिलाकर भागीदारी की। मानव श्रंखला में अधिकारियों के अलावा जीजीआईसी की प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत, एमआईसी के प्रधानाचार्य गिरिजा शंकर, जीआईसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य व एनसीसी कैडेट्स व स्काउट गाइड के बच्चों ने प्रतिभाग करते हुए हाथ मिलाकर मानव श्रंृखला मनायी। गीता जयंती उत्सव में शामिल होकर सभी ने संदेश दिया।

गीता जीवन जीने की कला सिखाती है। विश्व के सर्वश्रेष्ठतम ग्रंथ गीता के स्वाध्याय द्वारा चरित्रवान सवगुण सम्पन्न भक्ति में ओतप्रोत कर्मशील समाज द्वारा विकसित भारत सपना साकार करने के लिए श्रीमद् भगवत गीता जयंती आयोजन समिति के तत्वाधान में मनायी गई। श्रीमद् भगवत गीता जयंती आयोजन समिति के संयोजक जितेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी शैक्षिक वातावरण के साथ विद्यालय से सहयोग की अपेक्षा की थी। जिसके चलते सभी विद्यालयों में मानव श्रंृखला बनाकर गीता जयंती मनायी गई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विद्यालयों की सहभागिता एवं 18 श्लोकीय जीवन विकास पाठ कराकर विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ा है। जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत विश्व गुरु बने, हमारी संस्कृति विश्वव्यापी हो, हमारी युवा पीढ़ी, सनातन धर्म व सनातन संस्कृति एवं सनातनी जीवन मूल्यों के प्रति गौरव का भाव बढ़े। इस उद्देश्य के साथ लगभग ५० हजार आमजनों व विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर ५१ किलो मीटर की लम्बी मानव श्रृंखला मनायी गई। जो विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित हुई। संघ के विभाग प्रमुख पालक अधिकारी उमेश गुप्ता ने भी पहुंचकर व्यवस्था देखी और श्रृंखला बनाकर भागीदारी की। शहर के विभिन्न विद्यालयों में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशानुसार सभी विद्यालयों ने मानव श्रंृखला बनाकर प्रतिभाग किया। जिसमें रेडियंटो हॉस्पिटल, जीजीआईसी फतेहगढ़, जीआईसी फतेहगढ़, रखा बालिका इंटर कालेज, जनता इंटर कालेज, मूसाखिरिया इंटर कालेज, सीपी विद्या निकेतन में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस मौके पर प्रधानाचार्य डा0 नीतू मसीह, गिरिजा शंकर, अनिल सिंह, योगेश तिवारी व अल्का सिंह, नेहा मिश्रा मौजूद रही।

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