समृद्धि न्यूज। गाजीपुर पुलिस ने लखनऊ से उमर अंसारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में उमर अंसारी को दारुलशफा स्थित विधायक निवास से अरेस्ट किया है। जालसाजी के मामले में आईएस 191 गैंग के सरगना और माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को रविवार की देर रात लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि उमर अंसारी ने 50 हजार की इनामी अपनी मां आफशा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर किये और उसे अदालत में दाखिल कर दिया था। उमर अपने परिवार की कुर्क संपत्ति को बचाने की फिराक में था।
जानकारी के मुताबिक, गाजीपुर पुलिस ने जिस वक्त उमर अंसारी को गिरफ्तार किया। उस दौरान वो लखनऊ के विधानसभा आवासीय परिसर दारुलशफा में मौजूदा था। दारुलशफा में प्रदेश के कई पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों का निवास है। दारुलशफा से उमर की गिरफ्तारी अपने आप में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
हालांकि इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जानकारी के मुताबिक, उमर के खिलाफ गाजीपुर जिले में कई मामले दर्ज थे, उन्हीं मामलों की संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की है। वहीं ये कहा जा रहा है कि उमर के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद कड़ी सुरक्षा में उमर को पुलिस गाजीपुर ले गई। उमर अंसारी को पुलिस संबंधित अदालत में पेश करेगी। गिरफ्तारी के बाद गाजीपुर और लखनऊ दोनों शहरों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। उमर की गिरफ्तारी से अंसारी परिवार एक बार फिर से कानून की पकड़ में आता दिख रहा है।
पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार की संपत्ति कुर्क की गई थी। इसी संपत्ति को मुक्त कराने के लिए उमर अंसारी ने अपनी मां आफशा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाए। फर्जी हस्ताक्षर के साथ शपथ पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। आफशा लंबे समय से फरार चल रही है। अदालत ने उसे गिरफ्तार करके पेश करने का आदेश दिया है। गाजीपुर पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसी मामले में उमर के खिलाफ मोहम्मदाबाद थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर को गाजीपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार
