आदंोलन तक ड्यूटी के दौरान इंजन संचालित वाहन का नहीं करेंगे प्रयोग
कायमगंज/नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति का ऑनलाइन उपस्थिति एवं सचिवों से लिये जा रहे गैर विभागीय कार्यों के विरोध में चल रहा आंदोलन दिन पर दिन उग्र होता जा रहा है। पूर्व में की गई घोषणा के अनुसार बुधवार से सचिवों ने अपने इंचन संचालित वाहन का प्रयोग बंद कर अब वह साइकिल से ड्यूटी पर जाना शुरु कर दिया। ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष शशिदेव सिंह ने बताया कि हम लोग एक दिसम्बर से चार दिसम्बर तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया। उसके बाद ५ दिसम्बर से धरना ज्ञापन देकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा। अब १० दिसम्बर से सभी साथियों ने अपने निजी इंचन संचालित वाहनों का प्रयोग बंद कर साइकिल से ड्यूटी करना शुरु कर दिया। यह क्रम १५ दिसम्बर तक चलेगा।
ऑन लाइन उपस्थिति के आलावा साइकिल भत्ता २०० रुपया, टेंपो अथवा बस का किराया देने की मांग की। जटिल ई-ग्राम समाज व गेटवे प्रणाली प्रक्रिया के विरोध में मोबाइल ऐप के भुगतान से प्रक्रिया निर्मित करने की मांग शासन से की जायेगी। ग्राम प्रधानों की कोई शैक्षिक योग्यता शासन द्वारा निर्धारित नहीं है, ऐसी स्थिति में डीएससी संचालन की अपेक्षा रखना अव्यवहारिक नहीं है, आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शशिदेव सिंह आदि सचिव मौजूद रहे। वहीं नवाबगंज ब्लाक से संबंधित भी सचिव अपनी-अपनी साइकिलों से ड्यूटी कार्य के लिए गये। इस दौरान सचिव मोती लाल यादव, बृजेश कुमार, प्रमोद शुक्ला, अनुपम बाजपेयी, सुनील कुमार गौतम, अरविन्द कुमार, आकांक्षा सक्सेना, प्रवीण कुमार, वेदप्रकाश, कामता प्रसाद पटेल आदि लोग शामिल रहे।
आंदोलन के दसवें दिन ग्राम पंचायत सचिवों ने थामी साइकिल
