क्षेत्र में शारिक, काले जैसे कई लकड़ी माफिया हैं सक्रिय
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। वन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से क्षेत्र में धड़ल्ले से हरे पेड़ों का कटान हो रहा है। लकड़ी माफिया रात के अंधेरे में हरे भरे पेड़ों को काटकर धरती की हरियाली को उजाड़ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जहां एक ओर सरकार सभी को वृक्षारोपण करने के लिए जागरुक कर रही है, क्योंकि पेड़ों से हमें जीवनरुपी ऑक्सीजन मिलती हैं। उसके बगैर मनुष्य के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद लकड़ी माफिया शारिक जिसके संरक्षण में क्षेत्र में हरे भरे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। उसका कहना है कि वह यह कार्य पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से कर रहा है। लकड़ी माफिया अपने गुर्गों के माध्यम से शहर अथवा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से संपर्क करता है और रात के अंधेरे में कुल्हाड़ी चलवाकर उस जगह से हरे भरे वृक्षों का सफाया कर देते हैं। बताते हैं शमशाबाद नगर में ही स्थित चौखंडी जहां एक हरे भरे आम के वृक्ष को लकड़ी माफिया काले ने शारिक के सरंक्षण में सौदे के बाद कटवाया। जब ग्रामीणों ने काले से बात की, तो उसने बताया कि शारिक के कहने पर वृक्ष को काटा गया है। बताते हैं कि शारिक की आरामशीन है। जिस पर उक्त वृक्ष को काटकर डाला गया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक माफियाओं तथा ठेकेदारों द्वारा कटवाए जा रहे हरे भरे वृक्षों को लेकर समाजसेवी जनप्रतिनिधियों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा जिस तरह शमसाबाद क्षेत्र में लकड़ी माफिया रात के अंधेरे में हरे भरे वृक्षों को कटवाकर हरियाली उजाड़ रहे हैं। ज्ञात हो कि शमशाबाद शहर में इस समय लकड़ी माफिया शारिक, दानिश, मंसूर, छोटे, राशिद, रशीद, काले, राजू, भूरा, इस्सू, भुल्लन, शमीम, फिरोज, गुड्डा, नकीम सहित लगभग दो दर्जन से अधिक लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। जो प्रतिदिन सैकड़ों हरे वृक्ष काट रहे हैं।
