फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अटेवा के पदाधिकारियों ने सरकार की कैबिनेट की बैठक में लिये गये निर्णय के पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्ति कर्मचारियों/शिक्षकों को पुरानी पेंशन का विकल्प देने के निर्णय की सराहना की तथा सरकार से मांग की गई कि २३ मार्च २००५ के बाद विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाये। अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि अटेवा लगातार पुरानी पेंशन बहाली हेतु धरना प्रदर्शन, सम्मेलन, भूख हड़ताल, उपवास, संगोष्ठी, पेंशन यात्रा, विधानसभा का घेराव, पेंशन महारैली एवं सांसदों तथा विधायकों को ज्ञापन का कार्यक्रम करता रहा है। जिसका परिणाम है कि आज सरकार ने निर्णय लिया है कि सरकार सभी कर्मचारियों की पेंशन जब तक बहाल नहीं कर देती अटेवा आगामी महीनों में एक बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। अटेवा के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह जाटव ने कहा कि सरकार की कैबिनेट का फैसला उन सभी शिक्षक व कर्मचारियों के संघर्ष का नतीजा ही जो अटेवा के आंदोलन में तन मन धन से लगे रहे है कि जिले से लेकर लखनऊ व दिल्ली की महारैली तक डट कर संघर्ष किया है। सरकार अन्य सभी कर्मचारियों व शिक्षकों की भी पेंशन बहाल करें। अटेवा के पदाधिकारी सुधीर कुमार पाल, सुनील कुमार, विमलेश शाक्य आदि लोगों ने विज्ञापित पुरानी पेंशन बहाल करने की बधाई दी है।
राज्य सरकार को विज्ञापन के आधार पर पुरानी पेंशन बहाल करने पर बधाई: ज्ञानप्रकाश
