राम राज्य की परिकल्पना साकार करने के संदेश के साथ ज्ञान यज्ञ को विराम.

*भागवत कथाव्यास ने सुनाई भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा की कथा
*श्रीराम राज्याभिषेक करके डा0 सुरेन्द्र द्विवेदी ने की राम राज्य की व्याख्या
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
गंगा नगर में चल रही रामकथा एवं भागवत ज्ञान यज्ञ के विश्राम दिवस पर भागवत कथाव्यास पंडित दाताराम अग्निहोत्री ने भगवान कृष्ण एवं सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया। वहीं मानस विद्वान डा0 सुरेन्द्र नाथ द्विवेदी ने भगवान राम के राज्याभिषेक की कथा सुनाई। इस मौके पर कथा समिति की ओर से सहयोगियों, भक्तों को सम्मानित किया गया।
भागवत कथाव्यास दाताराम अग्निहोत्री ने कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए वर्तमान समाज में कमजोर से कमजोर के प्रति संवेदना रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु माता के चने सुदामा ने भगवान से कपट करके अकेले खा लिये। जिस पर उन्हें दरिद्रता एवं करीबी का सामना करना पड़ा। पत्नी सुशीला के कहने पर सुदामा संकोच करते हुए भगवान कृष्ण की द्वारिका पहुंचे। वहां प्रभु ने एक गरीब ब्राह्मण का जो सतकार किया वह वेद पुराणों में वर्णित हो गया। सुदामा के पैरों की दर्शा देखकर भगवान कृष्ण की आंखों से इतने आंसु बहे के सुदामा के पैर ढुल गये और पैरों के छाले में नष्ट हो गये। इस तरीके से कथाव्यास से ने मित्रता में छोटे-बड़े का भेद न करने का संदेश दिया। वहीं मानस विद्वान डा0 सुरेन्द्र नाथ द्विवेदी ने रावण बध के बाद भगवान राम-सीता व लक्ष्मण के अयोध्या लौटने व राज्याभिषेक की कथा सुनाते हुए राम राज्य की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मौजूद संतों को श्रीराम दरबार के चित्र देकर उनका आशीर्वाद लिया गया। संचालन महेश पाल सिंह उपकारी ने किया। वक्ताओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यकारी अध्यक्ष मनोज अग्निहोत्री ने सभी महिलाओं, पुरुषों व श्रोताओं को रामनामी अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर रामसागर दीक्षित, ऋषि पाल सिंह, अनिल त्रिपाठी, मनोज अग्निहोत्री, अखिलेश त्रिवेदी, उमेश मिश्रा, निर्दोष शुक्ला, शुभ दीक्षित, अंकित पाण्डेय, अवधेश पाण्डेय, वैभव सोमवंशी, अनुजा सोमवंशी सहित बड़ी तादात में भक्तों ने मौजूद रहकर रामदरबार में माथा टेका।

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