फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेला रामनगरिया के वैदिक क्षेत्र चरित्र निर्माण शिविर में युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपने विचार रखे। यशवीर आर्य ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने सर्वप्रथम स्वराज का उदघोष किया। उनकी प्रेरणा से हजारों नौजवान स्वतंत्रता समर के लिए आजादी के आंदोलन में कूद पड़े। लाखों नौजवानों के बलिदान के बाद हमने अपना देश स्वतंत्र कराया।
हरिओम शास्त्री ने कहा कि आज सरकार के पास बड़े-बड़ेे पुल व सडक़ बनाने के साधन तो हैं पर चरित्रवान युवाओं के निर्माण का कोई साधन नहीं है। यह साधन केवल आर्य समाज के पास है, आज आर्य समाज के गुरुकुलों में पढक़र आज हजारों युवक व युवतियां राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। आचार्य संदीप आर्य ने कहा कि युवाओं में चेतना जागे, तभी देश का भला हो सकता है। इसके लिए माता-पिता को श्रेष्ठ सन्तानों का निर्माण करना होगा। जीसके लिए हमारे घरों में महर्षि दयानंद कृत पुस्तक संस्कार विधि और सत्यार्थ प्रकाश का होना अत्यंत आवश्यक है।

धर्मवीर आर्य ने कहा कि युवा पीढ़ी के निर्माण मे शिक्षक समुदाय का बहुत बड़ा योगदान रहता है। इसलिए हमें संस्कारयुक्त शिक्षा देने की व्यवस्था करनी चाहिए। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद ने युवाओं को चारित्रवान बनाने के लिए बालक तथा बालिकाओं के लिए प्रथक-प्रथक गुरुकुलों की व्यवस्था की सरकारों को उसे अमल में लाना चाहिए। वर्तमान में प्रचलित सहशिक्षा व्यवस्था अनेकों दुष्कृत्यों की जननी है। अध्यक्षता डॉ0 शिवराम सिंह आर्य ने की। उदिता आर्या, शिवराम सिंह आर्य ने भक्तिमय भजनों की अमृत वर्षा की। प्रात:काल यज्ञ आचार्य विवेक तथा हरिओम शास्त्री ने संपन्न कराया। यजमान डॉ0 करुणेश आर्य व डॉ0 सौम्या आर्या ने सपरिवार यज्ञ में आहुतियां प्रदान कर भण्डारे का आयोजन किया। कार्यक्रम में रामप्रकाश आर्य, सुरेश चंद्र वर्मा, डॉ0 दिलीप सिंह, शिशुपाल आर्य, उदयराज आर्य, उत्कर्ष आर्य, प्रियंवदा आर्या, सूक्ष्मा पाण्डेय, रेनू आर्या, रत्नेश द्विवेदी, उपासना कटियार आदि उपस्थित रहे।
