नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। थाना नवाबगंज क्षेत्र के मोहम्मदाबाद मार्ग पर जाकिर हुसैन ट्रस्ट अस्पताल के पास बड़ी मात्रा में सरकारी अस्पताल की दवाइयां फेंकी गयीं। एंटीबायोटिक दवा डॉक्सीसाइक्लिन के बड़ी मात्रा में डिब्बे पड़े मिले। एंटीबायोटिक दवा डॉक्सीसाइक्लिन एक्सपायर न होने के बावजूद भी बड़ी मात्रा में फेंकी गयीं। जिससे मामले में घोर लापरवाही सामने आ रही है। दवा के डिब्बो पर एक्सपायरी डेट सितंबर 2025 पड़ी है। सरकारी अस्पताल की दवाइयां सडक़ के किनारे पड़ी होना तमाम सवाल खड़े कर रही है। जहां एक तरफ प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की परिकल्पना का सपना लोगों को दिखा रही है तो वहीं दूसरी तरफ जनपद में ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे कारनामे करके प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन पर तमाचा जड़ा जा रहा है। आए दिन यह देखने को मिलता है कि जब भी कोई गरीब आदमी सरकारी अस्पताल में दवाइयां देने जाता है तो सीएचसी, पीएचसी के डॉक्टरों द्वारा पर्चा लिखकर उसे बाहर से दवाइयां लाने के लिए मजबूर किया जाता है, परंतु उन्हीं सरकारी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण इस प्रकार से सडक़ों पर सरकारी अस्पताल की दवाइयां फेंक दी जाती हैं। सरकारी अस्पतालों में गरीब असहाय लोगों को दवाइयां नहीं बांटी जा रही, जबबकि ऐसे दवाइयां फेंकने के मामले सामने आते रहते हैं। करोड़ों रुपए की दवाइयों का सीएमओ आफिस से लेकर सीएचसीए, पीएचसी में बड़ा खेल होता है। जिसका यह जीता जागता उदाहरण है नवाबगंज क्षेत्र में जाकिर हुसैन ट्रस्ट के पास बड़ी मात्रा में दवाइयां पड़े होने से सरकारी स्वास्थ्य महकमे में हडक़ंप मच गया है। इसके बावजूद सरकारी दवा फेंके जाने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है। फिलहाल कारण कुछ भी हो परंतु यदि इस मामले की गंभीरता से जांच की गई तो जनपद के स्वास्थ्य विभाग की बड़े-बड़े जिम्मेदार लपेटे में आ जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्टाचार का खेल जारी, सडक़ किनारे फेंकी गर्इं सरकारी दवाइयां
