ई-रिक्शा चालक ने पीछे से मारी स्कूटी में टक्का, पत्नी चुटैल, बैग में सोने के आभूषण, नगदी, लैपटॉप व मोबाइल रखा था
पीडि़ता बोली शिकायत पर पुलिस ने नहीं किया मानवीय व्यवहार
पुलिस बोली लोहिया में सब दलाल बैठते है, एसपी से भी शिकायत
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। स्वास्थ्य कर्मी दंपत्ति की स्कूटी में ई-रिक्शा चालक ने टक्कर मार दी। जिससे पीछे स्कूटी पर बैठी पत्नी के काफी चोंट लग गयी। इस दौरान पति ई-रिक्शा चालक को पकडऩे लगा, तभी किसी उचक्के ने बैग पार कर दिया। पीछे मुडक़र देखा तब तक युवक फरार हो चुका था। पीडि़त दंपत्ति ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कई चक्कर थाने चौकी के लगाने पर जब पुलिस आयी तो पीडि़ता की मदद करने की बजाय उल्टा आरोप उसी पर लगाने लगी और धमकाने का प्रयास किया। पीडि़त दंपत्ति जब पुलिस के दबाव में नहीं आये तो जांच पड़ताल के बाद कार्यवाही करने की बात कहकर उन्हे चलता कर दिया। डाक्टर राममनोहर लोहिया अस्पताल में आयुष्मान विभाग में कार्यरत विपिन कटियार जिनकी पत्नी निशा कटियार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद में तैनात है। वह लोहिया अस्पताल से पत्नी के साथ घर स्कूटी से जा रहे थे। जैसे ही आवास विकास तिराहे के निकट भाजपा जनप्रतिनिधि व सपा कार्यालय के निकट से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे ई-रिक्शा चालक ने टक्कर मार दी। पीछे बैठी पत्नी के काफी चोंट लग गयी। पति ने स्कूटी खड़ी कर ई-रिक्शा चालक को पकडऩे लगा। इस दौरान पीडि़ता के अनुसार स्कूटी में टंगे बैग की एक तनी टूट गयी और इसी दौरान किसी ने वह बैग पार कर दिया। जिसमें एक लैपटॉप, सोने की अंगूठी, दो मोबाइल व 20 हजार रुपये की नगदी रखी थी। काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। ११२ पर सूचना दी पर किसी ने फोन नहीं उठाया। चौकी आवास विकास गये तो कारीगेट थाने की बात कहकर चलता कर दिया। जब थाने गये तो वहां से यह कहकर चलता कर दिया कि आवास विकास का मामला है वही देखेगें। पीडि़ता का कहना है कि जब उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहीं तो आवास विकास चौकी की पुलिस आयी और उल्ट हम पर ही दबाव बनाने लगी और कहा कि लोहिया अस्पताल में लोग नौकरी के नाम पर दलाली करते है और अपना सामान कहीं रख देते है और गायब हो जाने की शिकायत करते है। इस पर पीडि़ता ने नाराजगी जाहिर की। राजनैतिक पार्टी के कार्यालय व भाजपा जनप्रतिनिधि के आवास के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को देखने को कहा। जिस पर पुलिस ने कह दिया कि विधायक जी के आने पर जांच होगी। पीडि़ता का आरोप है कि मेरी शिकायत तो ले ली, लेकिन जिस तरीके से पुलिस ने मुझसे व्यवहार किया वह मानवीय नहीं है। पुलिस का कहना था कि पुलिस इसके लिए नहीं है कि तुम लोग अपना सामान गायब कर दो, और उसे हम ढूंढकर लाये। पुलिस अधीक्षक को भी फोन किया। जिस पर पीआरओ ने बताया कि आपकी शिकायत नोट कर ली गई है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
स्वास्थ्य कर्मी दंपत्ति का विधायक के आवास के बाहर से उचक्के ने पार किया बैग
