रामजन्म की कथा सुन श्रोता हुए भाव विभोर

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्राचीन महाभारत कालीन पांडेश्वर नाथ मंदिर में भगवान भोले शंकर को समर्पित कथा के तृतीय दिवस की कथा में वृंदावन से पधारे ज्ञानेश गौड़ मानस मर्मज्ञ ने कहा कि माता पार्वती जी के पूछे जाने पर भगवान शंकर जी ने मां पार्वती जी को राम कथा सुनाते हुए भगवान श्रीराम जी के अवतार लेने के कारण बताते हुए भगवान विष्णु जी के निजी पार्षद जय, विजय को ऋषि कुमारों द्वारा श्राप दिए जाने की कथा का मनोहारी वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गये। इसके बाद श्रीराम जन्म की सुंदर व मार्मिक विषयों पर कथा कही। रावण के जन्म व अत्याचार की कथा सुनाते हुए राम जन्म की सुंदर कथा सुनाई जिसे सुन कर श्रोता आनंद में भर गए जन्मोंत्सव में यजमान परिवार ने मिठाईयां टॉफी बिस्किट खिलौने आदि लुटाए। महाराज ज्ञानेश गौड़ ने कहा कि अगर हमें किसी महापुरुष दिव्य आत्मा अथवा ईश्वर की अनुभूति नहीं होती है तो मान लीजिए कि हमारे हृदय हमारे मन पर माया व विकार की परत चढ़ी है और जब तक हमारा मन निर्मल नहीं होगा। पवित्र नहीं बनेगा, तब तक ईश्वर मिलने वाले नहीं हैं। मन निर्मल कब होगा, जब हम नित्य प्रति भजन की व जप की आदत बना लेंगे जिस पर हमारे रघुनाथ की कृपा हो जाएगी वही मनुष्य उनका अनुभव कर सकता है।
यह शुभ चरित्र जनि पै सोई।।
कृपा राम के जापर होंई।
भगवान शंकर जब राम जी के बालरूप के दर्शन के लिए अयोध्या पधारते हैं और ज्योतिषी बनकर राम का दर्शन करने दशरथ के महल में आते है तो इस प्रसंग पर श्रोताओं ने खूब आनंद लिया भजनों पर नृत्य किया। कथा प्रसंग में भगवान का नामकरण व यज्ञोपवीत संस्कार व गुरुकुल में शिक्षा अध्ययन का प्रभाव बताते हुए कहा- .
प्रात: काल उठकर रघुनाथा मात-पिता गुरु नावही माथा।
आज की शिक्षा पद्धति हमारे बच्चों को संस्कार विहीन बना रही है गुरुकुल की पद्धति ही सर्वश्रेष्ठ थी आगे विश्वामित्र द्वारा भगवान को यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से मांग कर ले जाते समय श्री रघुनाथ द्वारा वन में ताडक़ा वध स्वभाव पद व मरीज की उधर की कथा सुनाई वह अहिल्या उद्धार का प्रसंग सुनाया। अल्लाह उद्धार के प्रसंग को सुनकर सभी श्रोता भाव विभोर हो गए। आज के यजमान वीरेंद्र मिश्र व अजीत पांडे सपत्नीक उपस्थित रहे। मुख्य कार्यकर्ताओं में रमेश चंद्र त्रिपाठी, लालाराम दुबे, पप्पू सोनी, सुमिति तिवारी, रंजना झा, भईयन मिश्रा, आशुतोष अवस्थी, धीरेंद्र वर्मा, कौस्तुभ गौड़ और प्रभात मिश्रा आदि उपस्थित रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *