समृद्धि न्यूज। फतेहपुर जिले में मकबरे को ठाकुर जी का मंदिर बताकर तोडऩे पर सोमवार को विवाद बढ़ गया। जिससे प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। हिंदू और मुस्लिम पक्ष एक दूसरे के आमने सामने आ गए।
फतेहपुर जिले में 200 साल पुराने नबाव अब्दुल समद के मकबरे को लेकर बवाल बढ़ गया है। जिले के आबूनगर रेडाइया स्थित इस मकबरे के पास बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठनों के सदस्य इक_ा हुए हैं। उनका दावा है कि यह एक मंदिर है और वे यहां पूजा अर्चना करने की मांग की। जिससे इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
#WATCH | Members of Hindu organisations, including Bajrang Dal, have gathered near an old tomb in Uttar Pradesh’s Abu Nagar in Fatehpur district, claiming it is a temple and demanding to offer prayers here. Police are deployed in the area. pic.twitter.com/ZKe62PR5iS
— ANI (@ANI) August 11, 2025
घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया, जिसके कारण पुलिस और प्रशासन को सक्रिय होकर स्थिति को काबू में रखने का प्रयास करना पड़ा। बरेली के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने इस मामले को लेकर हिंदू महासभा की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि फतेहपुर के मकबरे को हिंदू महासभा के लोगों ने शहीद कर दिया है और कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसने दी। मौलाना रिजवी ने इस घटना को मुस्लिम समुदाय के लिए असहनीय बताया और इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
बीजेपी जिला अध्यक्ष समेत बजरंगदल और वीएचपी ने इस मकबरे को ठाकुर जी का मंदिर बताकर 11 अगस्त को पूजा पाठ करने की चेतावनी दी थी। हिंदू संगठन की चेतावनी के बाद से जिला प्रशासन ने मकबरे को बल्लियों के सहारे बैरिकेडिंग के सहारे किसी को भी वहां जानें की अनुमति नहीं दी। हालांकि, इसके बावजूद भी लोगों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया जिसके बाद यहां पर हालात तनावपूर्ण बन गए हैं।
फतेहपुर में तोड़ दिया गया मकबरा
फतेहपुर में हिंदूवादी संगठन के लोग मकबरे पर चढ़ गये और मकबरे पर भगवा झंडा फहराकर, जमकर तोडफ़ोड़ की। दूसरे पक्ष से मुस्लिम समुदायों के लोगों ने पथराव किया। दोनों पक्षों को लोग आमने सामने आ गए, पुलिस हालत कंट्रोल करने में जुटी। प्रशासन के हाथ पांव फूल गये।
स्थिति नियंत्रण में: बृजेश पाठक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार जिला प्रशासन के संपर्क में है और स्थिति नियंत्रण में है। वहीं, फतेहपुर के जिलाधिकारी रवींद्र सिंह ने भी कहा कि फिलहाल कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है और प्रशासन की प्राथमिकता लोगों में विश्वास बनाए रखना है। फतेहपुर के एसपी अनूप कुमार सिंह ने भी कहा कि अब स्थिति काबू में है और कानून व्यवस्था सामान्य है।
बताते चले कि रेडईया मोहल्ले में स्थित ये मकबरा 200 साल पुराना बताया जाता है। यह पूरा विवाद शिव मंदिर बनाम मकबरे को लेकर है। हिंदू संगठनों ने मकबरे के शिव और श्रीकृष्ण मंदिर होने का दावा किया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि यहां पहले मंदिर था, जिसे तोड़ा गया था। सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मंदिर बताया था और इसी दावे के बाद से विवाद की शुरुआत हो गई।
