कंचनजंगा एक्सप्रेस से कैसे टकराई मालगाड़, 15 लोगों की मौत

पटरी पर खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से मालगाड़ी ने भीषण टक्कर मारी. हादसा इतना भयानक था कि मालगाड़ी का एक पूरा डिब्बा तो हवा में लटक गया. मालगाड़ी और ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए

पश्चिम बंगाल में सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस सोमवार को सुबह न्यू जलपाईगुड़ी के पास हादसे का शिकार हो गई। उसे एक मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भयानक था कि मालगाड़ी से टक्कर होने के बाद ट्रेनों की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं। जबकि कई बोगियां हवा में लहरा गईं। वहीं 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।

पश्चिम बंगाल में हुए रेल हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिरकार ऐसा हुआ क्यों? रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन जया वर्मा ने बताया कि सुबह 8.55 बजे के करीब यह हादसा हुआ. हादसे की प्रारंभिक वजह मालगाड़ी के ड्राइवर की ओर से सिग्नल तोड़ा जाना बताया जा रहा है, जिसकी वजह से ट्रैक पर खड़ी कंचनजंघा एक्सप्रेस को पीछे मालगाड़ी से धक्का लगा. उन्होंने कहा कि इस हादसे में मालगाड़ी के लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट की मौत हुई, जबकि कंजनजंघा एक्सप्रेस के गार्ड की भी मौत हो गई है. रेलवे सूत्र के हवाले से बताया कि पश्चिम बंगाल में रानीपानी रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट जंक्शन के बीच स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली सही तरह से काम नहीं कर रही थी. सूत्रों की मानें तो सुबह 5.50 बजे से ऑटोमेटिक सिंग्निलिंस सिस्टम में खराबी थी. “ट्रेन नंबर 13174 (सियालदह कंचनजंघा एक्सप्रेस) सुबह 8:27 बजे रंगपानी स्टेशन से रवाना हुई और स्वचालित सिग्नलिंग विफलता के कारण रानीपत्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट के बीच रुक गई.” वहीं 8.55 मिनट पर यह हादसा हुआ और 9.01 मिनट पर सुबह रेलवे को इसकी जानकारी मिली. रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, जब स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली विफल हो जाती है तो स्टेशन मास्टर ‘टीए 912’ नामक एक लिखित आधिकार-पत्र जारी करता है, जो चालक को खराबी के कारण उस सेक्शन के सभी रेड सिग्नलों को पार करने का अधिकार देता है. सूत्रों ने बताया कि रानीपतरा के स्टेशन मास्टर ने ट्रेन संख्या-13174 (सियालदह कंचनजंघा एक्सप्रेस) को टीए 912 जारी किया था. रेलवे सूत्रों की मानें तो जिस समय ट्रेन हादसा हुआ उस समय उस इलाके में काफी तेज बारिश हो रही थी. ऐसे में संभव है सिग्नल के लाल बत्ती को ड्राइवर बारिश की वजह से देख नहीं पाया हो और वह आगे बढ़ गया. ऐसी भी आशंका है कि चूंकि ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा था. ऐसे में मैनुअल सिग्नल सिस्टम को मालगाड़ी का ड्राइवर फॉलो नहीं कर पाया. हांलांकि इसी ट्रैक पर आगे कंचनजंगा एक्सप्रेस खड़ी थी, जिसके ड्राइवर ने सभी नियमों का सही तरीके से पालन किया.

रेल मंत्री ने किया रेल दुर्घटना स्थल का दौरा  
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास रंगापानी में ट्रेन दुर्घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सड़क बड़े वाहनों के चलने के लिहाज से संकरी होने के कारण रेल मंत्री को दुर्घटना स्थल तक पहुंचने के लिये कुछ दूरी मोटरसाइकिल के पीछे बैठकर तय करनी पड़ी।

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