समृद्धि न्यूज। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता यात्रा मार्ग पर बादल फटने से 38 लोगों के शव मिल गए हैं। कई मकानों को नुकसान हो गया है। लकड़ी का पुल और पीएमजीएसवाई पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। 75 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। बड़े पैमाने पर राहत और बचाव का काम जारी है।
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे अचानक से बादल फटा। मचैल माता मंदिर के यात्रा मार्ग पर ये आपदा आई, जिसमें दो सीआईएसएफ जवानों सहित 3८ लोगों की मौत हो गई। वहीं 200 से ज्यादा लोग लापता हैं। इस घटना के बाद अचानक बाढ़ आ गई और बड़े पैमाने पर तबाही मची। 100 लोग घायल हैं, जिनमें से 37 की हालत गंभीर है। उन्हें किश्तवाड़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगभग 70 से 80 लोगों का पड्डार के उप जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिला पुलिस प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बता दें कि मचैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते के चशोती गांव में यह आपदा आई। हादसे के समय मचैल माता यात्रा के लिए बड़ी संख्या में लोग इक_ा हुए थे। 9500 फीट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालु चशोती गांव तक ही मोटर वाहन से पहुंच सकते हैं। उसके बाद उन्हें 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। अधिकारियों ने बताया कि 3८ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका है।
पीएम मोदी ने हर संभव मदद का भरोसा दिया
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बादल फटने की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, बचाव और राहत अभियान जारी है।
