अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से राजेपुर क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। आज सुबह गंगा नदी में नरौरा बांध से 2 लाख 47000, बिजनौर बैराज से 1 लाख 55000 और हरिद्वार बैराज से 1 लाख 40000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और शाम को पानी छोडऩे का सिलसिला जारी रहा जो की नरौरा बांध से 2 लाख 600, बिजनौर बैराज से 1 लाख 60000 और हरिद्वार बैराज से 1 लाख 40000 क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया। जिसके चलते गंगा का जलस्तर 137,30 सेंटीमीटर हो गया। रामगंगा नदी में भी 23000 क्यूसेक पानी शाम के समय छोड़ा गया। इसके बाद इस नदी का जल स्तर 136,85 सेंटीमीटर नापा गया। थाना राजेपुर के अंतर्गत केशव नगर मोहल्ला पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गया। लगभग 150 से 200 मकानों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग भारी संकट में हैं। ग्रामीणों के अनुसार पानी इतना बढ़ गया है कि लोग घरों की छतों पर खाना बनाने और रहने को मजबूर हैं। नन्हें-मुन्ने बच्चे भी चाहरदीवारी में कैद हो गए हैं। राजेपुर डिप मार्ग पर करीब ढाई फीट पानी बह रहा है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही रोक दी है, लेकिन कई ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी में उतरकर आवागमन कर रहे हैं। डिप क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद लोग खतरनाक जलधारा को पार करने का प्रयास कर रहे हैं। तेज बहाव और पानी के दबाव से डिप के आसपास की दुकानों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे हजारों रुपये का सामान खराब हो गया है। थाना क्षेत्र के ग्राम भुडिय़ाभेड़ा नासे की पुलिया पर बाढ़ का पानी तेजी से बह रहा है। पुलिया के दोनों तरफ सडक़ कटान शुरू हो गया है। जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित होने का खतरा है। कटान पर काबू पाने और सडक़ बचाने के लिए पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी लगातार ईंट, बोरियां और बचाव सामग्री डालकर किनारे को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री सुरक्षित ठिकानों और नाव की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस, राजस्व और पीडब्ल्यूडी की टीमें लगातार काम कर रही हैं और हालात पर निगरानी रखी जा रही है।
