फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र जारी कर भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय के द्वारा उचित कानूनी ढांचे के माध्यम से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कोचिंग सेंटर के विनियम के लिए कोचिंग सेंटर रेगुलेशन के अन्तर्गत नई गाइडलाइंस जारी करते हुए अनुपालन करने के निर्देश दिये है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जनपद की समस्त कोचिंग संस्थाओं को निर्देशित किया है कि किसी प्रकार की विपरीत स्थिति पायी जाती है तो बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम के तहत कार्यवाही की जायेगी। कोचिंग संस्थान १६ साल से कम उम्र के बच्चों को एडमीशन नहीं दे सकते है। कोचिंग संस्थान छात्रों को अच्छे नम्बर दिलाने की किसी प्रकार की भ्रामक जानकारी नहीं दे सकते। गे्रजुएशन से कम योग्यता वाले शिक्षक की नियुक्ति कोचिंग संस्थानों में नहीं होनी चाहिए। कोचिंग संस्थानों में परामर्श प्रणाली होनी चाहिए। कोचिंग संस्थान की बेवसाइट पर शिक्षकों की योग्यता, पाठ्य सामग्री पूरे होने की अवधि, छात्रावास व सुविधायें होने का शुल्क विवरण होना चाहिए। उन्हें कैरियर आप्शन के बारे में नहीं बताया जाये। मेंटल हेल्थ को लेकर समय-समय पर वर्कशाप का आयोजन होना चाहिए। दिव्यांग छात्रों को सपोर्ट करने के लिए उनके मुताबिक सुविधायें दी जाये, आदि निर्देश जारी किये गये है।
16 साल से कम उम्र के बच्चे कोचिंग पढ़ते पाये गये तो होगी कार्यवाही: डीआईओएस
