दवाओं और चिकित्सकों से बचना चाहते हैं तो प्राकृतिक जीवन जिएं

कायाकल्पकेन्द्रम् में मनाया गया आठवाँ राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस

हरदोई । प्राकृतिक चिकित्सा का सम्बन्ध प्राकृतिक जीवन शैली और उपचार से है, जिसमें पंचमहाभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का उपयोग करके रोगों का उपचार किया जाता है।
आठवें “राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस” पर शहीद उद्यान स्थित कायाकल्पकेन्द्रम् में नि:शुल्क परामर्श शिविर आयोजित किया गया। कायाकल्पकेन्द्रम् के संस्थापक व प्रख्यात नेचरोपैथ डॉ० राजेश मिश्र ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में पंचतत्वों के प्रयोग से शरीर को ऐसा बना दिया जाता है ताकि कोई रोग ही उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा शरीर में रक्त शुद्ध प्रवाहित होगा तो कोई रोग नहीं होगा। कहा कि प्राकृतिक जीवन जीने से मनुष्य बीमार ही नहीं होगा और वह दवाओं और चिकित्सकों से बचा रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति की ओर ध्यान न देने के कारण ही आज मनुष्य विभिन्न रोगों के चंगुल में फंसा हुआ है। नेचरोपैथ ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति की ओर लौटना होगा। अध्यक्षता करते हुए डॉ० सरल कुमार ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा सभी के लिए उपयोगी है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्राकृतिक चिकित्सा से लाभान्वित हो चुके हैं। कहा प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ रहा जा सकता है।
डॉ श्रुति दिलीरे, डॉ अभिषेक पाण्डेय, नन्द किशोर सागर, शिवकुमार, गोविन्द गुप्त, मनोज मिश्र, भाजपा उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित, दीपाली, सोनू मिश्र उपस्थित रहे।

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