मेरठ में मां की हत्या कर बेटी को जबरन उठा ले गया दबंग, गांव में भारी फोर्स तैनात, 10 टीमें ढूंढने में लगीं

समृद्धि न्यूज। मेरठ में एक दलित महिला की हत्या के बाद उसकी बेटी का किडनैप कर लिया गया। हत्या और किडनैप करने का आरोप गांव के ही एक युवक पारस राजपूत पर लगा है। दलित समाज के लोग महिला का शव रखकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब तक लडक़ी को बरामद नहीं किया जाएगा, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा।
रधना थाना क्षेत्र में एक दबंग पर दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का आरोप लगा है। घटना के बाद से ग्रामीणों में रोष है, गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। घटना के बाद जब महिला का शव लेने एम्बुलेंस गांव पहुंची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उसमें तोडफ़ोड़ कर दी। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना चाहती है, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। आरोपी और पीडि़त परिवार एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोपी के दादा-दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि आरोपी के माता-पिता और भाई घटना के बाद से फरार हैं। जिसके बाद से गांव में तनाव फैल गया। पिछले करीब 30 घंटे से हंगामा चल रहा है, गांव में भारी संख्या में पुलिस तैनात है। मृतक महिला के परिजन और दलित समाज के लोग अंतिम संस्कार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले पुलिस अगवा की गई लडक़ी को बरामद करेख् मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। सपा की महिला कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर चूडिय़ां फेंकी, जबकि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने पीडि़त परिवार से वीडियो कॉल पर बात की। बताया गया सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता, तीन बेटे और एक बेटी रुबी है। आर्थिक तंगी के चलते रुबी को करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोडऩी पड़ी थी। परिवार में उसके रिश्ते को लेकर बातचीत चल रही थी, रुबी तीसरे नंबर पर है और सबसे छोटा भाई अविवाहित है। सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत जा रही थीं, रास्ते में पहले से मौजूद आरोपी कंपाउंडर पारस राजपूत ने दोनों को रोक लिया। जब सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फरसे से महिला के सिर पर हमला कर दिया, जिसके बाद आरोपी लडक़ी को जबरन बाइक पर बैठाकर फरार हो गया। सुनीता घायल हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यही आरोप सुनीता के परिजनों के द्वारा पारस पर लगाया गया है। वहीं पारस राजपूत के परिजनों का कहना है कि पारस अभी नाबालिग है और वह युवती बालिग है, दोनों के बीच में प्रेम प्रसंग था, पहले भी ये दोनों पकड़े गए थे, लेकिन पंचायत में समझौता करा दिया गया था और 50 हजार रुपए भी दिए गए थे। वहीं गुरुवार की घटना को लेकर पारस के परिजनों का कहना है कि लडक़ी ने फोन कर के पारस को बुलाया था। पारस को जानकारी नहीं थी कि लडक़ी के साथ और कौन है, पारस जब वहां पहुंचा तो उसकी मां साथ थी, मां ने विरोध किया और लडक़ी ने ही फरसा मार दिया था। पारस के परिजनों का कहना है कि लडक़ी ने ये खेल खुद ही रचा है, फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जानकारी जुटा रही है। एसएसपी डॉ0 विपिन ताड़ा ने कहा कि लडक़ी की बरामदगी और अभियुक्त को ढूंढना, हमारी पहली प्राथमिकता है। पुलिस की 10 टीमों को दोनों को ढूंढने के लिए लगाया गया है, कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिनसे पूछताछ चल रही है, मुकदमे में हत्या की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। वहीं मृतक सुनीता के शव को लेकर दलित समाज के लोग और पीडि़त परिवार गांव में प्रदर्शन कर रहा है, परिवार के लोगों ने शव के अंतिम संस्कार की शर्त पुलिस के सामने रख दी है, सुनीता के पति सतेंद्र का कहना है कि अंतिम संस्कार तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक उनकी बेटी को पुलिस लेकर नहीं आएगी। पुलिस फिलहाल परिवार के लोगों को समझाने में लगी हुई है, सतेंद्र ने बताया कि गुरुवार सुबह वो खेत में चला गया था, उसकी पत्नी और बेटी दोनों घर से आ रहे थे, तभी पारस राजपूत उनकी बेटी से छेडख़ानी करने लगा और उसकी पत्नी पर भी जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

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