फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपहरण व पाक्सो एक्ट के मामले में अपर जिला जज विशेष पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने अर्पित गुप्ता पुत्र अशवनी निवासी बजरिया को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष का कारवास व 20 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
विगत वर्ष पूर्व थाना मऊदरवाजा निवासी युवती ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि मेरी 16 वर्षीय पुत्री 9 अगस्त 2019 को अपनी सहेलियों के साथ उज्जैन गयी हुई थी। वहां परचित अर्पित गुप्ता निवासी बजरिया मेरी पुत्री को बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाये। मेरी पुत्री ने वापस आकर मुझे बताया कि अर्पित ने मेरा वीडियो बना लिया। अगर अर्पित के बताए लोगों के साथ शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाये तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। पीडि़ता ने वीडियो को डिलीट करने को कहा तब उसने 50 हजार रुपये की मांग। मुकदमा वादिनी ने अपनी लोक लज्जा के लिए अर्पित को 30 हजार रुपये दिये। उसके बाद वह 1 लाख रुपये की और मांग करने लगा तो मैंने कहा कि पुलिस को मामले की जानकारी दूंगी तो अर्पित ने वीडियो को फेसबुक पर अपलोड कर दिया। कई लोगों को व्हाट्सएप पर भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्य गवाह के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता प्रदीप सिंह, विकास कटियार, अनुज कटियार की कुशल पैरवी के आधार पर अपर जिला जज विशेष पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश सुमित प्रेमी ने अर्पित को 7 वर्ष का कारवास व 20 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
पाक्सो एक्ट के मामले में युवक को 7 वर्ष का कारवास, 20 हजार का जुर्माना
