हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भगदड़ मचने से 8 लोगों की मौत हो गई है और 25 से 30 लोग घायल हो गये। हादसे की वजह भारी भीड़ बताया जा रहा है। बता दें कि ये मंदिर हरिद्वार में काफी प्रसिद्ध है और हरिद्वार घूमने के लिए आने वाले पर्यटक इस मंदिर में जरूर दर्शन करने जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर रविवार सुबह भगदड़ मचने से आठ लोगों की मौत हो गई। वहीं, हादसे में 22 से अधिक घायल हैं और पांच लोग गंभीर घायल हैं, 23 लोग सामान्य हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी हरिद्वार पहुंचे और अस्पताल में घायलों का हाल जाना। मुख्यमंत्री से इस दौरान मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वार्ता की। मनसा देवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि इस दुखद घटना में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हज़ार मनसा देवी ट्रस्ट द्वारा प्रदान किए जाएंगे। मृतक के परिजनों और घायलों को उनके घर तक ले जाने के लिए ट्रस्ट द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को पचास हजार की सहायता का ऐलान किया है।
हरिद्वार भगदड़ पर पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह हरिद्वार में हुई भगदड़ की घटना पर शोक जताया। उन्होंने कहा, मैं उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दु:खी हूं, अपनों को खोने वालों के प्रति संवेदना जताता हूं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।
अफवाह की वजह से हुई भगदड़: डीएम
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर मयूर दीक्षित ने बताया कि भगदड़ की वजह यह है कि कुछ लोगों ने अफवाह फैला दी कि वहां पर बिजली के तार में करंट फैल गया है। लोग बिजली का तार खींचकर सीढ़ी पर ऊपर चढऩा चाह रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और पहले सूचना यह थी कि यह घटना बिजली के तार में करंट लगने की अफवाह के कारण हुई।