इंडिया गठबंधन की प्रेस वार्ता में खबर नफीसो के सवालों पर कतराते नजर आये प्रत्याशी

महंगाई, भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी केंद्रीय चुनाव कार्यालय पर इंडिया गठबंधन वार्ता में प्रत्याशी डा0 नवल किशोर शाक्य पत्रकारों के जबाव देने से कतराते रहे। संयुक्त रुप से इंडिया गठबंधन की हुई वार्ता में अपनी-अपनी पार्टी के जिलाध्यक्ष व पदाधिकारियों ने बात रखी। सपा छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने संचालन करते हुए कहा कि आज नौजवान रोजगार के लिए तरस रहा है। महंगाई चरम सीमा पर है। भाजपा ने चुनावी चंदा लेकर बहुत बड़ा घोटाला किया है। भाजपा भारत को लूटने का काम कर रही है। सपा जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा के विधायक, सांसद होने के बाद भी एक्सप्रेस-वे खन्ना ले गये। आप जिलाध्यक्ष नीरज शाक्य ने कहा कि जो भी आवाज उठाता है भाजपा दबा देती है। कांगे्रस के प्रदेश सचिव अनूप वर्मा ने कहा कि पूरी दमदारी से कांगे्रस पार्टी इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को चुनाव लड़ायेगी और जिताने का कार्य करेगी।
सपा प्रत्याशी डा0 नवल किशोर शाक्य ने कहा कि मैं किसान परिवार का बेटा हूं। १२ सालों से पार्टी की सेवा कर रहा हूं। जनता ने मुझे सांसद बनाया तो मैं अपना पूरा वेतन बच्चों की शिक्षा पर खर्च करूंगा। विनीत कुशवाहा ने लोगों के सुझाव संबंधित व्हाट्सएप नम्बर जारी किया। साथ ही घोषणा पत्र का पम्पलेट पत्रकारों को दिखाया। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, कांगे्रस के पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा, अनिल कुमार यादव, सुनील कटियार, अमित यादव, प्रभास शाक्य, सर्वेश शाक्य, नरेन्द्र शाक्य, इलियास मंसूरी, सपा मीडिया प्रभारी विवेक यादव, मनोज गंगवार, शशांक सक्सेना, आनन्द यादव के अलावा इंडिया गठबंधन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

गठबंधन नेता ने पत्रकार से की अभद्रता

फर्रुखाबाद। इंडिया गठबंधन की प्रेस वार्ता के बाद एक युवक से गठबंधन के नेता ने अभद्रता कर दी। जिससे नाराज होकर पत्रकारों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर अभद्रता करने वाले नेता को पकड़ लिया। वहीं सपा नेताओं ने पुलिस पर दबाव बनाते हुए अभद्रता करने वालों को पुलिस की गिरफ्त से भगा दिया। बाद में माफी मांगकर समझौता कराया गया।
इस तरह की घटना से लगता है कि चुनाव अभी दूर है, लेकिन समाजवादी पार्टी व गठबंधन के नेता बेलगाम होते जा रहे है। कहने को तो चौथा स्तम्भ पत्रकारिता है, लेकिन कुछ नेता अपने नम्बर बढ़ाने के कारण पत्रकारों पर भी हमलावर हो जाते है। इससे लगता है कि उनकी मंशा क्या है। बाद में गठबंधन प्रत्याशी ने सभी पत्रकारों से समझौता कराने की बात कही और पीडि़त पत्रकार की सहमति पर समझौता हुआ है।

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