सैफई: हैवरा कोठी में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा पंडाल से निकली यात्रा में 101 कन्याओं ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश रखे और श्रद्धा के साथ धर्मध्वजा संभाली। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथा आरंभ से पूर्व कथा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। मुख्य यजमान कुमदेचंद यादव एवं पत्नी रमा यादव ने भागवत ग्रंथ को सिर पर धारण कर कलश यात्रा का नेतृत्व किया। इसके बाद यात्रा कथा पंडाल से प्रारंभ होकर हैवरा कोठी स्थित हनुमान मंदिर पहुंची, जहां विशेष पूजन एवं आरती संपन्न हुई। वहां से यात्रा पुनः कथा पंडाल में पहुंचकर संपन्न हुई। मार्ग में ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा महिलाओं ने मंगल गीत गाए।
कलश यात्रा के समापन के पश्चात कथा व्यास आचार्य स्वामी श्री प्रणवपुरी जी महाराज पीठाधीश्वर महामृत्युंजय मठ उज्जैन ने विधिवत मंगलाचरण के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। प्रथम दिवस पर उन्होंने महाशिवरात्रि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भगवान महाकाल की आराधना का प्रतीक है। महाकाल की कृपा से ही इस शुभ अवसर पर कथा प्रारंभ करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित करने वाली आध्यात्मिक साधना है। यह मनुष्य को सत्य, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
प्रथम दिन कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पंडाल खचाखच भरा रहा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर आयोजित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। क्षेत्र में कथा को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।
महाशिवरात्रि पर 101 कन्याओं की अगुवाई में निकली भव्य कलश यात्रा, श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
