भाजपा नेता विकास राजपूत ने लगाए गंभीर आरोप !
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। NH-730C इटावा–बरेली मार्ग पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों में गहरा रोष उत्पन्न कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि NHAI की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता के कारण यह हाईवे दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया है। रोज़ाना हो रही दुर्घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सबसे अधिक चिंताजनक हालात सेंट्रल जेल चौराहे पर देखने को मिल रहे हैं, जहाँ न तो ज़ेब्रा क्रॉसिंग बनाई गई है और न ही रेड लाइट सिग्नल लगाए गए हैं। हाईवे पर NHAI द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइटें भी अभी तक संचालित नहीं हुई हैं। साथ ही चौराहे पर एक भी स्पीड ब्रेकर न होना दुर्घटनाओं की संभावनाओं को और बढ़ा देता है। जिले में चल रहे अवैध खनन के चलते डंपर चालकों की लापरवाही और तेज़ रफ्तार भी हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
इसी बीच, जिस Gawar Construction Company को इस हाईवे निर्माण का जिम्मा दिया गया था, उसकी कार्यशैली को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी ने बेहद निम्न गुणवत्ता का निर्माण कराया है। फुटपाथ सही ढंग से नहीं बनाए गए और जहाँ ईंटें लगाई गई थीं, वे भी कई जगहों पर उखड़ चुकी हैं। इन समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी कई बार शिकायतें प्रशासन को दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा नेता एवं समाजसेवी विकास राजपूत ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और NHAI के अधिकारियों व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की चुप्पी और उदासीनता के कारण आम जनता रोज़ अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर है।
राजपूत ने सवाल खड़े करते हुए कहा—
• आखिर कब तक इस हाईवे पर लोगों की जानें जाती रहेंगी?
• कब तक अधिकारी कागज़ों में फाइलें दबाकर बैठे रहेंगे?
• और कब तक इस घटिया निर्माण पर कार्रवाई से बचा जाएगा?
उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि—
• सेंट्रल जेल चौराहे सहित हाईवे से जुड़े सभी चौराहों एवं तिराहों पर रेड लाइट सिग्नल, स्पीड ब्रेकर और ज़ेब्रा क्रॉसिंग तत्काल बनाई जाएं।
• स्पीड लिमिट को निर्धारित कर हाईवे पर स्पीड लिमिट मीटर लगाए जाएं, जिससे तेज़ रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
स्थानीय लोगों ने भी एक सुर में मांग की है कि NHAI और जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए, ताकि इस खतरनाक हाईवे पर लगातार हो रही मौतों पर रोक लग सके।
