नई दिल्ली: ग्लोबल फायरपावर ने मिलिट्री स्ट्रेंथ रैंकिंग 2026 जारी की है। जिसमें 145 देशों की सैन्य शक्ति का मूल्यांकन किया गया है। यह रैंकिंग सैनिक संख्या, लड़ाकू विमान, हथियार, टैंक, रक्षा बजट, भूगोल और लॉजिस्टिक्स समेत 60 से अधिक इंडिकेटर्स को आधार बनाते हुए तैयार की गई है और पावर इंडेक्स स्कोर के आधार पर देश की शक्ति अंदाजा लगाया जाता है। ग्लोबल फायरपावर की 2026 रैंकिंग के अनुसार, भारत को 0.1346 स्कोर मिला है। वहीं अमेरिका को 0.0741, रूस को 0.0791 और चीन को 0.0919 स्कोर मिला है। जबकि पाकिस्तान 14वें स्थान पर फिसल गया। आर्थिक और सैन्य कारणों से पाकिस्तान की स्थिति कमजोर हुई है। इस रैंकिंग में भारत चौथे स्थान पर बना हुआ। भारत के पास बड़ी सेना, मिसाइल सिस्टम, एस-400 डिफेंस सिस्टम और राफेल जैसे फाइटर जेट हैं। सैन्य शक्ति में अमेरिका शीर्ष पर है और उसके पास विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना, वायु सेना और नौसेना है। रूस दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर है। इनका स्कोर क्रमश: 0.0791 और 0.0919 है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सामने घुटने टेकने वाले पाकिस्तान को मिलिट्री स्ट्रेंथ रैंकिंग में नुकसान हुआ है। पाकिस्तान पिछले साल 12वें स्थान पर था, लेकिन इस साल रैंकिंग में फिसलकर 14वें स्थान पर आ गया है। इस रैंकिंग में पाकिस्तान के नीचे जाने का सिलसिला जारी है। साल 2024 में पाकिस्तान 9वें स्थान पर था। जबकि पिछले साल यानी 2025 में 12वें स्थान पर चला गया। 2026 की ताजा रैंकिंग में फिसल कर पाकिस्तान 14वें स्थान पर पहुंच गया है। आर्थिक संकट और आधुनिकीकरण की सीमित रफ्तार के कारण पाकिस्तान के स्थान में बड़ी गिरावट आई है। पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य ढांचे और साजोसामान के भारी नुकसान के कारण भी पाकिस्तान की हालत पतली हुई है।
भारत चौथी बड़ी सैन्य शक्ति, पाकिस्तानी आर्मी की गिरी रैंकिंग, 14वां स्थान
