फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। ट्रांजीशनल कर्रीकुलम के सातवें दिन बी0ए0एम0एस0 के नवांगतुक 2024 बैच के छात्र-छात्राओं को वदतु संस्कृतम् की कक्षा में डॉ0 अरिमर्दन सिंह ने संस्कृत विषय के बारे में बताया। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय लखनऊ के रचना शारीर विभाग के एसो0 प्रोफेसर डॉ0 संजीव सक्सेना ने छात्र/छात्राओं को आयुर्वेद का अध्ययन मनोयोग से करने को कहा। डॉ0 सक्सेना मेजर एस0डी0 सिंह पी0जी0 आयु0 महाविद्यालय के आरम्भ स्तम्भ में से है। रचना शारीर विभाग के प्रथम शिक्षक रहें है। रा0आयु0 कॉलेज अर्तरा के पूर्व प्राचार्य तथा शल्य तंत्र विशेषज्ञ डॉ0 बाबू राम त्रिपाठी ने यू0जी0 तथा पी0जी0 के छात्र/छात्राओं को आयुर्वेद की परिभाषा को आधुनिक विज्ञान के परिपेक्ष में बताया तथा छात्रों को आयुर्वेद के महत्व की जानकारी दी। अतिथि का सम्मान कॉलेज की प्राचार्या डॉ0 अंजना दीक्षित ने स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर किया गया। छात्र/छात्राओं ने डॉ0 भारती पांचाल के नेतृत्व में रोग निदान विभाग में विजिट किया एवं डॉ0 कविता शर्मा के नेतृत्व में रचना शारीर विभाग का विजिट किया। पी0जी0 के छात्रों का डॉ0 शिल्पा विष्ट द्वारा कैश प्रजेन्टेश कराया गया। डॉ0 ए0के0 खान ने आयुषमान भारत के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ0 मधु रंजन ने आयुष विजा के बारे बताया। और डॉ0 संकल्प सिंह ने पी0जी0 छात्रों का ओरिएन्टेशन लैक्चर लिया। इस मौके पर डॉ0 नीतू श्री, डॉ0 निरंजन एस0, डॉ0 विजय मोहन गुप्ता, डॉ0 अरुण कुमार पाण्डेय, डॉ0 मुकेश कुमार विश्वकर्मा, डॉ0 भारती पांचाल, प्रशासनिक अधिकारी अनूप कुमार आदि उपस्थित रहें।
ट्रांजीशनल कर्रीकुलम के सातवें दिन वदतु संस्कृतम् विषय की दी गई जानकारियां
