फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल में सोमवार को आयु प्रवेशिका (यूजी ट्रांजिशनल कार्यक्रम और संस्कार (पीजी ओरिएंटेशन कार्यक्रम) के 12वें दिन विभिन्न विषयों पर शिक्षकों एवं विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत धन्वंतरी प्रार्थना और विचार के साथ हुई। संचालन 2022 बैच के छात्र-छात्राओं ने किया। कार्यक्रम में कृषि आयुर्वेद (आयुर्वेद एवं कृषि विषय) पर डा0 शीला गुप्ता ने छात्रों को बताया कि कैसे प्राचीन आयुर्वेदिक सिद्धांत खेतों, मिट्टी, खाद्य उत्पादन और औषधीय पौधों के संरक्षण में सहायता करते हैं। संस्कृत अभ्यास वदतु संस्कृतम् पर डा0 अरिमर्दन ने इंटरैक्टिव ग्रामर सत्र के माध्यम से छात्रों को शुद्ध संस्कृत भाषा अभ्यास के लिए प्रेरित किया। आयुर्वेद और स्वास्थ्य अर्थशास्त्र विषय पर डॉ0 सुमन कुंडू ने आयुर्वेद को सस्ती, सुरक्षित और भविष्य के सतत् स्वास्थ्य मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। डिजिटल टॉक्सिसिटी और टेक्नोलॉजी बनाम मानव बुद्धिमत्ता विषय पर डॉ0 अरीब हुसैन एवं डॉ0 आनंद बाजपेयी ने आधुनिक तकनीकी दुरुपयोग के जोखिमों पर प्रकाश डाला। व्यसन मुक्ति में आयुर्वेद की भूमिका पर डॉ0 भारती पंचाल ने सत्वावजय चिकित्सा एवं रसायन के माध्यम से नशा मुक्ति उपायों पर चर्चा की। डॉ0 राजगोपाल ने दो महत्वपूर्ण सत्र लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का शिक्षा और निदान अनुसंधान में उपयोग, आयुर्वेदिक रोग-विज्ञान (निदान पंचक) का वैज्ञानिक विश्लेषण किए। कार्यक्रम संस्कार ओरिएंटेशन विशेष रूप से आयोजित किया गया। जिसमें छात्रों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रेरणादायी व्याख्यान और अस्पताल आधारित ज्ञान साझा किया गया। डॉ0 कविता नेगी ने योग, मेडिटेशन और तनाव प्रबंधन पर मार्गदर्शन देते हुए बताया कि चिकित्सक को स्वयं मानसिक रूप से संतुलित रहना आवश्यक है। मिस सोनी ने एचआईएमएस (अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली) का परिचय दिया और बताया कि डिजिटल तकनीक से रोगी देखभाल अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनती है। विभिन्न पीजी छात्रों द्वारा क्लिनिकल केस प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों को रोगियों के निदान, उपचार योजना और चरणबद्ध सोच को समझने का अवसर मिला। समापन सत्र में डॉ0 रोहित तिवारी ने प्रेरक व्याख्यान देते हुए आयुर्वेद चिकित्सकों की सामाजिक भूमिका, नैतिकता और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
मेडिकल कालेज में आयुर्वेद व कृषि विषय की विद्यार्थियों को दी गई जानकारियां
