संभल: जिले में बीमा क्लेम हड़पने वाले एक गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिले की रजपुरा थाना पुलिस ने सातों की गिफ्तारी की है। बीमा क्लेम हड़पने के लिए आरोपियों ने दो हत्याएं की हैं। गिरोह ने दोनों हत्याओं को अंजाम देने से पहले अलग-अलग कंपनियों में जीवन बीमा कराया था। उसका प्रिमियम भी खुद भरा था, दोनों हत्याओं को हदसा बता दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, संभल में पुलिस ने बीमा क्लेम के लिए लोगों की हत्या करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पहले अनाथ लोगों का बीमा कराता था। इसके बाद उनकी हत्या कर उसे हादसे का रूप दे देता था। अनाथ लोगों के बीमा क्लेम में गिरोह के लोग किसी एक व्यक्ति का नाम नॉमिनी के रूप में रखते थे। ऐसे में बीमा का पैसा गिरोह के ही किसी व्यक्ति को मिलता था। पैसा आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस ने बताया कि हत्या के मामले में एक व्यक्ति के मोबाइल फोन की जांच करते समय उन्हें बीमा पॉलिसी को लेकर कुछ जानकारी मिली। इसके बाद आगे की पड़ताल की गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। यह खतरनाक गिरोह पहले लोगों का जीवन बीमा कराता था और फिर सुनियोजित तरीके से हथौड़े से सर कुचलकर उनकी निर्मम हत्या कर देता था। इस गिरोह का मकसद बीमा की बड़ी रकम हड़पना था।
एएसपी अनुकृति शर्मा ने किया मामले का खुलासा
एएसपी अनुकृति शर्मा ने रविवार को मामले का खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि आरोपियों ने साल 2023 में 15 नवंबर को अमरोहा में ही एक अमन (20) नाम के युवक की हत्या कर दी थी। आरोपियों ने उसके सिर पर हथौड़ा मार दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अमन की सौतेली मां रूपाली के अकांउट में एक पॉलिसी के 22 लाख रुपये आए थे, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया।
पकड़े गये आरोपी
जो सात आरोपी पकड़े गए हैं, उनकी पहचान वेदप्रकाश, कमल सिंह, निर्देश कुमार, उदयभान, प्रेमशंकर, सुनील कुमार और ओमप्रकाश के रूप में हई है। इनमें से एक ने अपने रिश्तेदार का भी बीमा करवाया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो तीसरी हत्या को भी जल्दी ही अंजाम देने वाले थे। सात में जिस आरोपी ने अपने रिश्तेदार का बीमा करवाया था उसकी हत्या की साजिश रची जा रही थी।
बीमा क्लेम मिलने के बाद किया भंडारा
एएसपी ने बताया कि आरोपियों ने बीमा क्लेम हड़पने के लिए एक हत्या साल 2022 में 29 जुलाई को अमरोहा में ही की थी। आरोपियों ने धनारी के रहने वाले सलीम को मार दिया था। इन दोनों ही हत्याओं को हादसा बताकर मामला रफ-दफा करा दिया गया था। सलीम के बीमा क्लेम के 78 लाख आरोपियों ने रुपये हड़प लिए, पूछताछ में आरोपयों ने बताया सलाीम का बीमा क्लेम मिलने के बाद उन्होंने भंडारा किया था। 12 गांव के लोग भंडारा खाने आए थे।
हत्या कर सडक़ पर फेंकते थे शव
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य पहले जरूरतमंद या कमजोर व्यक्तियों को निशाना बनाते थे। उन्हें बहला-फुसलाकर बीमा पॉलिसी करवाई जाती थी, जिसमें नामित लाभार्थी गिरोह का सदस्य होता था। कुछ समय बाद योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर हथौड़े से सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी जाती थी और उसे रोड एक्सीडेंट दिखाने के लिए रोड किनारे फेंक दिया जाता था। जिससे कि उसकी जल्द पहचान ना हो सके और उसकी मौत का कारण रोड एक्सीडेंट समझा जाए और बीमा राशि वसूल ली जाती थी।
