जाैनपुर का रहने वाला अखिलेश यादव यूपी पुलिस में हेड काॅन्स्टेबल है। बुधवार को उसने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में वह कह रहा है कि जाति, धर्म के हिसाब से उसकी उपेक्षा की जा रही है। साथ ही उसका मानसिक और शारीरिक शोषण भी किया जा रहा है। उसने सोनभद्र के एक अधिकारी पर भी संगीन आरोप लगाए हैं। यह भी कहा कि उन्हें फर्जी रिपोर्ट लगाकर बचाया जा रहा है। किसी मामले को लेकर उनके साक्ष्य गायब किए गए हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद एक बार पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. इस वीडियो में अखिलेश यादव को सुसाइट नोट पढ़ते हुए देखा जा सकता है. दरअसल, ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव पुलिस लाइन का है. इस वीडियो में उन्नाव पुलिस लाइन में तैनात अखिलेश यादव ने न्याय न मिलने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है. अखिलेश यादव को वीडियो में कहते हुए सुना जा सकता है कि मुझे जाति, धर्म और क्षेत्रवाद के आधार पर भेदभाव करते हुए लगातार मेरा आर्थिक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है. कांस्टेबल अखिलेश यादव ने कहा कि जिसकी वजह से यह घटना हुई उसे दलाली लेकर दलाल अधिकारियों के जरिये बचाया जा रहा है. दलाल अधिकारी ने फर्जी मुकदमा लिखकर मुझे जेल भेज दिया. कांस्टेबल ने आगे कहा कि मुझे अपराध करने और मरने पर विवश किया जा रहा था और मेरे साक्ष्यों को गायब किया जा रहा था. अखिलेश यादव ने कहा, “इसलिए मैंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर ऑडियो वीडियो साक्ष्य पेशकर घटना से अवगत कराया.” कांस्टेबल को यह भी कहते हुए सुना जा सकता है कि न्याय न मिलने की दशा में मेरा इस्तीफा स्वीकार इच्छा मृत्यु देने की मांग की है. सुसाइड नोट पढ़ते हुए हेड कॉन्स्टेबल अखिलेश यादव ने कहा कि जो मेरे साथ हुआ वह किसी और के साथ ना हो. पीड़ित कांस्टेबल ने कहा कि अगर उसे न्याय नहीं मिला आत्महत्या कर लेगा. इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने कहा कि उसने सोनभद्र एसपी यशवीर सिंह और जौनपुर एसपी अजय पाल शर्मा को गोली मारने का निर्णय लिया, लेकिन 15 महीने से मुझे राइफल की ड्यूटी से हटा दिया गया, जिससे यह लोग बच गए हैं. कांस्टेबल अखिलेश यादव ने दावा किया कि मैं ने मुख्यमंत्री को कई साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर आत्मदाह करूंगा. पेट्रोल और जहर दिखाते हुए उसने कहा कि वह पहले जहर खाकर फिर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करेगा. कहा कि इस मामले में मुझे बताया गया कि लगभग 30 अधिकारी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे लगभग नाै महीने से गुमराह किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रताड़ित भी किया जा रहा है। एक संगीत मामले में मैंने 172 पन्नों की रिपोर्ट बनाई है, जिसकी वीडियो भी मेरे पास है। कहा कि मैंने इन बेइमानों को गोली मारने का निर्णय लिया है, लेकिन 30 लोगों को इकट्ठा नहीं मार सकता। इसलिए मैंने जाैनपुर अजय पाल शर्मा और सोनभद्र के एसपी यशवीर सिंह को मारने का निर्णय लिया लेकिन मुझे रायफल की ड्यूटी से हटा दिया गया।
कराई जा रही जांच- पीड़ित
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुझे परेशान किया जा रहा है, मेरे पिता का ऑपरेशन हुआ देखने तक नहीं जा पाया. उसने आगे कहा कि इंसान हूं, जितना दर्द सबको होता है, उतना मुझे भी होता है. कांस्टेबल ने दावा किया क जो खुद फर्जी रिपोर्ट लगाने के दोषी हैं, उन्हीं से जांच कराई जा रही है. अखिलेश यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि एसपी अपने पद का दुरुपयोग करते हैं. उसने आगे कहा, “पूरा जीवन जेल काट लेता अगर इन बेईमान एसपी को गोली मार देता. ये लोग निर्दोष लोगों को अपराध करने पर बेबस करते हैं.”
जाैनपुर के हेड काॅन्स्टेबल ने PM-CM से मांगी इच्छामृत्यु , अफसरों पर प्रताडऩा का लगाया आरोप
