पांच माह पूर्व कोचिंग पढऩे वाली छात्रा के साथ कोचिंग संचालक ने किया था घिनौना कृत्य
कंपिल, समृद्धि न्यूज। इंटरमीडिएट छात्रा से दुष्कर्म के करीब पांच माह पुराने मामले में प्रशासन ने अब आरोपितों से जुड़े अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ आरोपित अनस के गांव निजामुद्दीनपुर पहुंची, जहां गाटा संख्या 336 (नवीन परती भूमि) पर किए गए अवैध कब्जे को ध्वस्त कराया गया। राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह भूमि सरकारी थी, जिस पर पक्का निर्माण कर कब्जा किया गया था।
टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण हटवाया और कब्जा मुक्त कराया। इसके बाद बुलडोजर कंपिल स्थित कोचिंग सेंटर के सामने पहुंचा, जहां आरोपित शीबू और सलमान से संबंधित बताई जा रही दुकानों पर कार्रवाई की गई। प्रशासन के पहुंचने से पहले परिजनों ने स्वयं दुकानें खाली कर तोडऩे का प्रयास किया, लेकिन राजस्व टीम ने नियमानुसार अतिक्रमण हटवाया।
इससे पूर्व सोमवार सायं शमशाबाद के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में नगर लेखपाल पंकज चौहान, पूजा चौहान, रोहित अवस्थी व पुलिस बल की टीम ने दुकानों की पैमाइश व चिन्हांकन किया था। जांच में कई दुकानें अतिक्रमण कर निर्मित पाई गईं। कोचिंग सेंटर के पास स्थित शकील मार्केट की कुछ दुकानें कब्रिस्तान की भूमि पर बनी पाई गईं, जिनका सीमांकन कर अतिक्रमण दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान जब बुलडोजर अवैध कब्जा कर बनाई गई दुकानों को ढहाने पहुंचा, तभी दुकान मालिक शकील ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को अवगत कराया कि मामले में हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की जा चुकी है।
अभिलेखों की पुष्टि के बाद अधिकारियों ने उक्त दुकानों पर तत्काल कार्रवाई रोक दी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित लोगों को तीन दिन पूर्व ही नोटिस जारी किए गए थे और नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।उल्लेखनीय है कि पांच माह पूर्व कोचिंग संचालक समेत तीन लोगों शीबू, सलमान और अनस पर छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने तथा वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश था और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग लगातार उठ रही थी। एसडीएम कायमगंज अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट में रिट दाखिल होने के कारण कुछ दुकानों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई है। न्यायालय से आदेश मिलते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि अन्य स्थानों पर विधि सम्मत कार्रवाई की गई है।
दुष्कर्म के आरोपी के रिश्तेदार के घर पर चली जेसीबी
