बच्चों के संग दरिंदगी कर वीडियो बनाकर बेंचने वाले जेई पति-पत्नी को फांसी की सजा

समृद्धि न्यूज। बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत ने बच्चों के यौन शोषण और पोर्न वीडियो प्रसारित करने के मामले में जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। सीबीआई ने अक्टूबर 2020 में उन्हें गिरफ्तार किया था। बांदा की विशेष अदालत ने 33 मासूम बच्चों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो विदेशों में बेचने के दोषी दंपती को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक पीडि़त परिवार को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनात आरोपित निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन 10 वर्षो से बच्चों का यौन शोषण करके अश्लील वीडियो बनाकर बेच रहा था। आरोपित ने 50 से अधिक बच्चों को अपना निशाना बनाया।
चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनात आरोपित निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन 10 वर्षो से बच्चों का यौन शोषण करके अश्लील वीडियो बनाकर बेच रहा था। आरोपित ने 50 से अधिक बच्चों को अपना निशाना बनाया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अपनी गहन जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को लगभग पांच साल पहले गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उनके घर से पेन ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल जैसे कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। इनमें इस जघन्य अपराध से जुड़े अहम सुराग मिले थे। चाइल्ड पोर्नोग्राफी की आनलाइन मानीटरिग के लिए गठित सीबीआइ दिल्ली की विशेष यूनिट (आनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूस एंड एक्स्प्लॉयटेशन प्रिवेंशन एंड इन्वेस्टीगेशन) ने छानबीन के बाद आरोपित को बांदा से 16 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। उसके चित्रकूट के एसडीएम कालोनी स्थित किराए के आवास से करीब आठ लाख रुपये, मोबाइल फोन, वेब कैमरा, लैपटाप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण व सेक्स टॉय बरामद किए गए थे। सीबीआई ने गिरफ्तारी के 88वें दिन बाद बांदा कोर्ट में 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। विशेष अदालत ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर दंपती को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला अत्यंत जघन्य और दुर्लभतम श्रेणी में आता है, जिसमें बच्चों की मासूमियत को तार तार किया गया। बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाने और समाज में इस तरह के अपराधों को रोकने के उद्देश्य से, अदालत ने अभियुक्त रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। राज्य व केंद्र सरकार प्रत्येक पीडि़त बच्चे को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। आरोपियों के घर से बरामद नकद पैसे को भी सभी पीडि़तों में बराबर बांटने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों ने ये गंदे वीडियो चीन, अमेरिका, ब्राजील और अफगानिस्तान समेत 47 देशों को बेचे थे, जो बच्चे दरिंदगी का शिकार हुए थे।

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