मुठभेड़ में एक आरोपी की मौत, दो साथियों के साथ पुलिसकर्मी भी घायल।


समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।रामनगरी में बीते सावन मेले के दौरान सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी के साथ हुई जानलेवा हमले की वारदात मामले में गुरुवार को अचानक बाद अपडेट आया।इस मामले के आरोपियों के साथ गुरुवार की देर रात पुलिस व एसटीएफ के संयुक्त टीम की मुठभेड़ हो गई।इस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई जबकि उसके दो साथियों के साथ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन हैरत की बात यह रही कि पूरे दिन के गहमागहमी भरे घटनाक्रम के बाद भी खबर लिखे जाने तक पुलिस कर्मियों के छोटे छोटे सराहनीय कार्यों को प्रमुखता से साझा करने वाली अयोध्या पुलिस की मीडिया सेल के पास बताने के लिए कोई सूचना नहीं थी।ज्ञांत हो की बीती 30 अगस्त को सावन मेले के दौरान मेला ड्यूटी के लिए महिला मुख्य आरक्षी सुमित्रा पटेल अयोध्या आ रही थी।प्रयागराज जिले की मूल निवासी तथा सुल्तानपुर जिले के नगर कोतवाली में तैनात ये महिला मुख्य आरक्षी सरयू एक्सप्रेस की तीसरी बोगी में सीट के नीचे अर्धनग्न और अर्ध बेहोशी की हालत में मिली थी।इस घटना की सूचना वायरल होने के बाद अयोध्या पुलिस व जीआरपी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली थी और घटना की छानबीन भी शुरू कर दी गई थी।इधर इस बर्बरता पूर्ण घटना की सूचना मिलते ही माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद की ओर से भी मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की प्रगति जानने के लिए जीआरपी और शासन के अधिकारियों को तलब कर लिया गया था हालांकि तलब हुए अधिकारियों से कार्रवाई की प्रगति जानने के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने संतोष जाहिर किया था जिसके बाद शासन के निर्देश पर घटना के शीघ्र अनावरण के लिए मामले की जांच में एसटीएफ को भी लगा दिया था।जांच मिल लगाई जाने के बाद एसटीएफ की टीम द्वारा लगातार छानबीन की जा रही थी। इस बीच कुछ दिन पूर्व एसटीएफ की ओर से अधिकारियों का नंबर जारी करते हुए घटना की सूचना देने के लिए सार्वजनिक अपील की गई थी तथा हमलावरों का सुराग देने वालों को एक लाख रुपए का इनाम दिए जाने घोषणा की गई थी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरण नैय्यर की माने तो मामले की छानबीन में जुटी एसटीएफ व अयोध्या पुलिस की संयुक्त टीम आपस में जानकारियां साझा कर रही थी। इस बीच गुरुवार की रात वारदात में शामिल लोगों के मूवमेंट की जानकारी मिली तो एसटीएफ की टीमों ने घेराबंदी कर दी।जिले के
इनायतनगर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान घटना के दो आरोपी विशंभर दयाल दुबे और आजाद खान पैर में गोली लगने से घायल हो गए जबकि इनका एक साथी अनीस मौके से भाग निकला। घायल हुए इन दोनों आरोपियों को जिला चिकित्सालय ले जाकर भर्ती कराया गया और फरार हुए साथी की तलाश शुरू कर दी गई।तलाश के दौरान फरार हुए साथी की लोकेशन पूराकलंदर थाना क्षेत्र में होने की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने फिर से उसकी घेराबंदी शुरू कर दी।घेराबंदी के दौरान फरार अभियुक्त अनीश की ओर से संयुक्त टीम पर फायरिंग की गई जिसकी जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया।फायरिंग के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।इन सभी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने घायल अभियुक्त अनीश को मृत घोषित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरत की बात यह रही कि पुलिस के सराहनीय कार्यों को साझा करने के लिए स्थापित की गई मीडिया सेल की ओर से इस मुठभेड़ के बारे में अधिकृत तौर पर न तो कोई प्रेसनोट जारी किया गया और न ही कोई जानकारी दी गई। मुठभेड़ की खबर के बारे में जानकारी के लिए जब मीडिया सेल से संपर्क किया गया तो मीडिया सेल में तैनात कर्मचारियों ने बताया कि मुठभेड़ के बारे में सूचना मिलने पर आपको सूचना दी जाएगी लेकिन खबर लिखे जाने तक शायद न तो उन्हें सूचना मिली और न ही उनके द्वारा सूचना दी गई।
