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शिक्षा और मताधिकार के प्रति जागरूकता ही संविधान को बचा सकती है: कैलाश यादव

पीडीए परिवार के लोग दो रोटी कम खाना, लेकिन बच्चों को शिक्षा से वंचित न रखना: डा0 जितेन्द्र सिंह यादव

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष/प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार आरक्षण दिवस के अवसर पर संविधान मान स्तम्भ दिवस के रूप में मेजर एस0डी0 सिंह मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल बेवर रोड के सभागार में जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में मनाया गया। कार्यक्रम के आयोजक समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव व अमृतपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डा0 जितेन्द्र सिंह यादव रहे। संचालन जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह गौर, महासचिव इलियास मंसूरी ने किया। कार्यक्रम में प्रभारी/मुख्य अतिथि के रूप में कैलाश यादव पूर्व सांसद एंव असीम यादव पूर्व एमएलसी मौजूद रहे।

सभागार में उपस्थित समाजवादी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पूर्व सांसद कैलाश यादव ने कहा कि आज क्यों जरूरत पड़ी है संविधान और आरक्षण के बारे में चर्चा करने की। आज देश और प्रदेश में मौजूदा भाजपा की निरंकुश सरकार पिछड़ों, दलितों, महिलाओं और समाज के सभी कमजोर लोगों से उनका हक छीनने की सुनियोजित ढंग से कुटिल साजिश कर रही है।

पूर्व एमएलसी असीम यादव ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी के लोगों के ऊपर जुल्म अन्याय और अत्याचार हो रहा है, छत्रपति शाहूजी महाराज ने आज के ही दिन 1902 में पीडीए परिवार को जो अधिकार दिए थे, उनके विचारों और उनके लिए गए इस निर्णय को बाद में बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान में वर्णित करके देश के लाखों/करोड़ों लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया था।

पूर्व सांसद चन्द्रभूषण सिंह मुन्नू बाबू ने कहा वर्तमान समय में दिशाहीन निरंकुश सरकार के सामने खड़े होकर पूरे देश में अगर कोई विरोध कर रहा है तो वो हमारे नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कर रहे हैं, इससे भी बड़ी विडम्बना क्या होगी कि दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्र में एक बड़ा वर्ग आज अपने अधिकारों को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव डा0 जितेन्द्र सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नौजवानों को रोजगार पाने के लिए लाठी खानी पड़ रही है, गरीब बेबस किसानों को खाद के लिए लाठी खानी पड़ रही है, सरकारी नौकरी करने बाले कर्मचारी भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, जीएसटी से छोटा व्यापारी परेशान है, सरकार की अदूरदर्शी नीतियों से चारों तरफ हर वर्ग परेशान है और सरकार पाखण्डवाद के मदमस्त हाथी पर सवार होकर देश के भविष्य को अशिक्षा, गुलामी, गरीबी और जातीय/धार्मिक संघर्ष की आग में धकेल रही है। आज देश के तमाम संस्थानों को अपने मित्र उद्योगपतियों को औन-पौने दामों में सौंपा जा रहा है और सरकारी विभागों का निजीकरण करके ये सरकार पीडीए परिवार के लोगों से संवैधानिक अधिकारों को छीनना चाहती है। पीडीए परिवार के लोगों दो रोटी कम खाना मजदूरी कर लेना, लेकिन अपने बच्चों को शिक्षा से वंचित मत रखना, क्यों शिक्षा ही व्यक्ति को जागरूक बनाती है और जागरुक मतदाता ही एक ऐसी बेहतरीन सरकार को चुन पाते हैं जो हमारे हितों की रक्षा करते हुए विकसित भारत की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का प्रयास करती है। आज उनके संविधान और उन अधिकारों को हमसे छीनने की कोशिश हो रही है, हमें सजग रहना होगा। हमें पक्ष-विपक्ष नहीं बनना है हमें आंदोलन की विचारधारा के अनुरूप शोषित वंचित और पीडि़त समाज के लिए लड़ाई लडऩी है, जातिगत द्वेश भावना से भी प्रेरित नहीं होना है, क्योंकि बहुत से सर्वण महापुरुषों ने भी हमारी लड़ाई लड़ी थी, जिनमें डा0 लोहिया, जनेश्वर मिश्रा, वीपी सिंह और चन्द्रशेखर आदि महान लोगों ने सवर्ण होते हुए भी पीडीए परिवार की लड़ाई को अंग्रिम पंक्ति में रहकर लडऩे का काम किया था। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें अपने बूथ मजबूत करने हैं।

जिलाध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह यादव ने कहा कि आज डा0 राम मनोहर लोहिया की कर्मभूमि पर पूर्व सांसद कैलाश यादव और पूर्व एमएलसी असीम यादव का मैं पार्टी की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि जनपद के समाजवादी कार्यकर्ता बड़े ही मजबूत और संघर्षशील रहे हैं। पूरे देश में समाजवाद की अलख जगाने वाले डा0 लोहिया को फर्रुखाबाद ने तब सांसद चुना था जब देश में सत्ता की तूती बोलती थी।

सभागार में उपस्थित पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, प्रताप सिंह यादव, जमालुद्दीन सिद्दीकी, अजीत कठेरिया, रामसेवक सिंह यादव, सर्वेश अंबेडकर, तहसीन सिद्दीकी, नदीम अहमद फारुकी, हरीश कुमार यादव, मंदीप यादव, सुनीता शाक्य, अफजाल अहमद फारुकी, नरेन्द्र यादव आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रुप से आलोक यादव, उदय प्रताप सिंह भोला यादव, प्रदीप यादव, पवन कुमार गौतम, राधेश्याम सविता, चंद्रेश राजपूत, शिवशंकर शर्मा, रामशरन कठेरिया, शिवम यादव, सुलक्षणा सिंह, प्रतिभा यादव, दीक्षा शाक्य, केके यादव, मनोज यादव, राजीव यादव प्रधान, मनोज यादव प्रधान, अखिल कठेरिया, पंचशील राजपूत, मुन्नालाल शाहू आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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