सजा के बिंदु पर 25 सितंबर की तिथि नियत
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश विशेष दस्यु प्रभावित क्षेत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान ने लूट, हत्या के मामले में देवेंद्र उर्फ फौजी पुत्र रक्षपाल सिंह निवासी परनिया थाना बीसलपुर पीलीभीत को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तिथि नियत है।
बीते लगभग 28 वर्षों पूर्व थाना कम्पिल में तैनात सिपाही रामसेवक यादव ने बताया कि दिनांक 26 मार्च 2003 को रात १० बजे से सुबह ११:३० बजे के बीच स्थान गंगा कटरी वहद ग्राम सींगनपुर कंपिल में मै अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस गस्त कर रहा था, उसी दौरान आरक्षी इंद्रपाल, पी0ए0सी0 के कर्मचारी का मय सरकारी असलाह अपहरण जान से मारने की नियत से एक राय होकर फायरिंग की गयी। जिससे थानाध्यक्ष राजेश सिंह, दरोगा उदयवीर, कांस्टेबिल उमेश यादव, पी0ए0सी0 जवान सेवाराम की मृत्यु हो गई थी तथा पुलिसकर्मियों के असलाहों की लूट के सम्बन्ध में देवेंद्र उर्फ फौजी, सोनपाल, धनपाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सौरव मिश्रा की दलील व साक्ष्य के अभाव से सोनपाल, धनपाल को दोष मुक्त कर दिया गया। शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत, कृष्ण कुमार पांडेय की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान ने देवेंद्र उर्फ फौजी को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर 25 सितंबर की तिथि नियत है। देवेंद्र फौजी इन दिनों बरेली जेल में निरुद्ध है। देवेंद्र को जनपद शाहजहांपुर के दो मुकदमों में आजीवन कारावास, जनपद बदायूं के दो मुकदमा में आजीवन कारावास, जनपद फतेहगढ़ फर्रुखाबाद में एक मुकदमे फांसी की सजा हो चुकी है। देवेंद्र उर्फ फौजी के ऊपर कुल तीस मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें से अभी तक छ: मुदकमों में दोषी करार हो चुका है
हत्या लूट के मामले में कलुआ गिरोह का सरगना दोषी करार
