जौनपुर, समृद्धि न्यूज। जफराबाद थाना अंतर्गत रिश्तों को कलंकित करने वाले कलयुगी पुत्र ने अपने बुजुर्ग मां बाप की पैसों और प्रापर्टी के लिये हत्या कर शव को बोरे में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया और फरार हो गया।
जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव में इकलौते बेटे ने पैसे के विवाद में बुजुर्ग रिटायर्ड लोकोपायलट-पिता और मां की सिर पर सिलबट्टे से हत्या कर दी। हत्या के बाद शवों को बोरे में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया। गांव निवासी श्यामबहादुर के पास तीन पुत्रियां तथा एक पुत्र है।उसका पुत्र अम्बेश कुमार दूसरे नम्बर पर है। अम्बेश कुमार कोलकाता रहता था।वह वहां पर प्रेम विवाह करके परिवार व दो बच्चो के साथ रहने लगा।तीन माह से वह अकेला घर आ गया था। वह अपने पिता श्यामबहादुर से पैसे को लेकर आये दिन विवाद करने लगा। उसके द्वारा किये इस व्यवहार के बाद उसके पिता उससे काफी नाराज रहने लगे। इस दौरान अम्बेश को लगा कि उसके पिता उसकी बहनों को भी प्रॉपर्टी में हिस्सा देना चाहते है।वह पिता से पैसा लेना चाहता था।पिता ने पैसा देने से मना किया।इससे आक्रोशित पुत्र ने पिता श्यामबहादुर (65) तथा अपनी माँ बबिता देवी (63) को काटकर बोरे में भरकर गोमती नदी में ले जाकर फेक दिया।
घटना बीते आठ दिसंबर को हुई। घटना के पांच दिन बाद वाराणसी में रहने वाली बेटी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में शक होने पर पुलिस ने सोमवार की रात आरोपी कलयुगी पुत्र अम्बेश कुमार को पकड़ा तो उसने हत्या का खुलासा किया।
एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि वंदना देवी ने 13 दिसंबर को अपनी माता बबिता देवी और पिता श्याम बहादुर की गुमशुदगी की सूचना जफराबाद थाने में दर्ज कराई थी। वंदना ने पुलिस को बताया था कि 8 दिसम्बर से उनके माता-पिता लापता हैं। उनका भाई अम्बेश भी लापता है, जो माता-पिता को ढूंढने निकला है।तीनों की बरामदगी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कीं गयी।सोमवार की शाम अम्बेश कुमार को घर के पास से पकड़कर गहनता से पूछताछ शुरू की तो उसने माता-पिता के हत्या की हैरान कर देने वाली घटना बताई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि आठ दिसंबर की रात आठ बजे पारिवारिक विवाद और पैसों को लेकर माता-पिता से उसकी लड़ाई हो गई थी। उस दौरान उसने अपने माता-पिता के सिर पर सिलबट्टे से प्रहार कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
इसके बाद शवों को ठिकाने लगाने के लिए उसने बोरे में भरकर गोमती नदी में फेंक दिया। एसपी सिटी ने बताया कि मामले के खुलासे के बाद तत्काल पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी पुत्र अम्बेश कुमार से गहनता से पूछताछ कर रही है। उसकी निशानदेही पर शवों की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है। मंगलवार की इस मामले की पुलिस छानबीन करने में जुटी है।घर पर पहुंची फॉरेंसिक टीम अपर पुलिस अधीक्षक शहर आयुश श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी शहर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में नमूना संग्रह किया है।घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए तीन टीम गठित कीं, जिसके बाद जांच शुरू हुई। इधर, घूमते-घूमते आरोपी अम्बेश कुमार वाराणसी चला गया। जहां उसने गंगा स्नान भी किया और घाट पर घूमते भी देखा गया। इसके बाद वह घर के नजदीक आने लगा तो खोजबीन में जुटी पुलिस ने उसे बरामद किया। पुलिस के सवालों में अम्बेश कुमार उलझ गया और माता-पिता की हत्या की पूरी कहानी बता दिया।
मृतक श्यामबहादुर केराकत के खरगसेनपुर गांव के रहने वाले थे।उनको यहाँ पर उनके ससुर स्वर्गीय रामनारायण ने अपनी संपति दे दिया था।श्यामबहादुर टाटा जमशेदपुर में रहते थे।वे रेलवे में लोको पायलट के पद पर तैनात थे।उनके पास तीन पुत्रियां बड़ी वंदना कुमारी, अर्चना तथा सपना तथा एकमात्र पुत्र अम्बेश है।अम्बेश दूसरे नम्बर पर था।सभी लड़कियों की शादी हो गयी थी।लगभग छह वर्ष से अम्बेश कुमार कोलकाता में रहकर कोई प्राइवेट नौकरी करता था।वही पर पांच वर्ष पूर्व उसने एक दूसरे सम्प्रदाय के लड़की से शादी कर लिया था।जिससे उसके पास एक लड़की व एक लड़का है।उसकी शादी को लेकर माँ बाप काफी नाराज थे।उन्होंने उसकी पत्नी को स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया था।वे अम्बेश से पत्नी को छोड़ देने को कहते रहे।पिछले 30 जून को श्यामबहादुर रिटायर हुए थे।रिटायरमेंट के बाद वे पत्नी के साथ ही गांव में रहने लगे।अम्बेश तीन माह पूर्व घर आया था।वह जब से आया था।तभी से माँ बाप से पत्नी को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था।बताया जाता है अम्बेश पत्नी से तलाक लेने की बात भी कर लिया था।पत्नी पहले दस लाख की मांग कर रही थी।बाद में मामला पांच लाख तक आ गया था।अम्बेश अपने पिता से वही पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था।लेकिन पिता ने उसे अब पैसा नही देना चाहते थे।बस यही बात दम्पति की हत्या का कारण बन गयी। घटना की जानकारी के बाद मंगलवार को जौनपुर पहुंचे मृतक के छोटे भाई संदीप कुमार ने बताया हमको 9 दिसम्बर को जानकारी हुई। हमारी छोटी बहन ने फोन करके हमको बोला कि भईया कल से गायब है क्या आपके पास गये है।लगातार हम लोग खोजबीन में लग गये थे। मंगलवार को पता चला कि अम्बेश ने भईया और भाई को मारकर बोरे में भर कर नदी में फेंक दिया है। हम तत्काल आज सुबह घर आया हूँ.और पूरी जानकरी ली। अम्बेश कुमार हमेशा परिवार में पैसे को लेकर विवाद करता था।हमको लगता था कि उस दिन भी कुछ ऐसा मामला था.अम्बेश कुमार कोविड के दौरान अपनी लव मेरिज शादी एक मुस्लिम लड़की से शादी की थी जिसको लेकर भईया और भाभी दुखी थी उसको छोड़ने के लिए बार बार कहते थे। अम्बेश कुमार कोलकाता में रहता था और जब जब उसको पैसे की जरूरत पड़ती थी। तो यहाँ आता था और पैसे अपने पिता और माँ से लेकर चला जाता था।
पिता के पैसे से खरीदा कार ,उसी कार से शव को लगाया किनारे
अम्बेश कुमार जिस पिता की पैसे से एश करता था उसी पिता और माँ की हत्या कर दी। पिता के पैसे से अम्बेश कुमार ने 2022 में एक स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी उस कार से अम्बेश कुमार और उसका परिवार चलता था। जिस पिता ने बड़ी शौक से उस कार को खरीदा था उसी कार से मृतक का इकलौता बेटा अम्बेश कुमार ने अपने माँ और पिता की शवो को रखकर नदी में फेंक दिया। पुलिस व फारेंसिक टीम घर और कार की जाँच पड़ताल में जुटी हुई है, श्याम बहादुर रेलवे में लोको पायलट थे। वह चार महीने पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी तीन बेटियां हैं। वैसे तो वह मूल रूप से थानागद्दी के खरसेनपुर के रहने वाले थे लेकिन वो ससुराल में नवासा पाए थे। रामनारायण के तीन दामाद हैं। इनमें श्याम बहादुर भी थे, जिन्हें रामनारायण ने नवासा दे दिया। यहां कई वर्षों से श्याम बहादुर परिवार सहित रहते थे।
एएसपी सिटी ने बताया कि खुलासे के बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपी अम्बेश कुमार से पूछताछ की जा रही है। शवों की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है।अम्बेश कुमार ने पांच साल पहले कोलकाता निवासी एक महिला से कोविड काल के दौरान प्रेम विवाह किया था जो वहीं पर पार्लर चलाती थी। इकलौते बेटे के इस तरह प्रेम विवाह करने से माता-पिता दुःखी रहते थे।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि वह बहू को पसंद नहीं करते थे। तीन बेटियों के प्रति उनका झुकाव अधिक रहता था। इसी वजह से अम्बेश कुमार का उनसे कई बार विवाद हो चुका है। गांव के लोग दबी जुबान से यह भी कह रहे हैं कि अम्बेश कुमार अपनी पत्नी के साथ ही पिता के रुपये लेकर शिफ्ट होना चाहता था।
