सुप्रीम कोर्ट ने आधार की वैधता पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने कई अहम बातें कहीं हैं। कई जगह कोर्ट ने आधार को जरूरी नहीं बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का डाटा किसी को दें तो उसे बताएं 6 महीने से ज्यादा आथेंटिकेशन रिकार्ड न रखें। सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के सेक्शन 57 को हटा दिया है। मतलब अब प्राइवेट कंपनियां अपने कर्मचारियों से आधार कार्ड नहीं मांग सकेंगी। हम बता रहे हैं इस फैसले से जुड़ी बड़ी बातें, जो आपको प्रभावित करेंगी।
कहां आधार जरूरी नहीं
– निजी कंपनियां आधार कार्ड नहीं मांग सकती
– मोबाइल, बैंक खातों से आधार लिंक करना असैंवधानिक
– स्कूली दाखिले में आधार कार्ड अनिवार्य नहीं
– सीबीएसई, यूजीसी, नीट आधार को अनिवार्य नहीं बना सकते
कहां आधार जरूरी
– आयकर रिटर्न में आधार कार्ड जरूरी
– पेन में आधार देना होगा
कोर्ट ने क्या कहा
– आधार से निजता के अधिकार का हनन नहीं
– घुसपैठियों का आधार कार्ड नहीं बनाना चाहिए !!
आधार कार्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की कुछ खास बातेंः
- आधार कार्ड अब सिर्फ़ पहचान स्थापित करने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है.
- आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को डेट ऑफ़ बर्थ प्रूफ़ के तौर पर नहीं माना जा सकता.
- आधार कार्ड का बायोमीट्रिक डेटा सिर्फ़ सुरक्षा मामलों में सरकारी एजेंसियां मांग सकती हैं.
- आधार कार्ड की मांग स्कूलों में एडमिशन के लिए नहीं की जा सकती.
- आधार कार्ड की मांग बैंक खाता खोलने के लिए नहीं की जा सकती.
- आधार कार्ड की मांग मोबाइल कनेक्शन के लिए नहीं की जा सकती.
- आधार कार्ड की मांग सीबीएसई, नीट, और यूजीसी जैसी संस्थाएं नहीं कर सकतीं.
- आधार कार्ड की मांग सरकारी योजनाओं और सब्सिडी पाने के लिए की जा सकती है.
- आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करके इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल किया जा सकता है.
