समृद्धि न्यूज। बिहार में राजद के बुरी तरह चुनाव हारते लालू प्रसार के परिवार में भी बिखराव भी शुरू हो गया है। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ दी है। परिवार से नाता भी तोड़ लिया है। रोहिणी आचार्य के बयानों से बिहार की राजनीति में उथल-पुथल है। उन्होंने परिवार से नाता तोड़ लिया है। जिससे राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। जेडीयू ने इस मुद्दे पर लालू प्रसाद यादव को घेरा है और परिवार में कलह को उनकी राजनीतिक विफलता का परिणाम बताया। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिनी आचार्या ने राजनीति छोडऩे का एलान किया है। इतना ही नहीं उन्होंने अपने परिवार से दूरी बनाने की भी घोषणा कर दी है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से भी नाता तोड़ रही हूं। यह वही बात है जो संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे कहने को कहा था। राजद की हार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मैं सारी जिम्मेदारी ले रही हूं। रोहिणी तब चर्चा में आईं थीं जब उन्होंने अपने पिता लालू यादव को किडनी देकर उनकी जान बचाई थी, रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को पांच दिसंबर 2022 को किडनी दान की थी। यह ट्रांसप्लांट सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में सफलतापूर्वक हुआ था। इसके बाद उनकी देशभर में जमकर तारीफ हुई थी, रोहिणी पांच साल पहले से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, वह सिंगापुर में अपने परिवार के साथ रहती हैं, रोहिणी ने 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन वह भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से 13 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव हार गई थीं। वहीं रोहिणी आचार्य, तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव की राजद में दखल से नाराज चल रही हैं। 18 सितंबर को भी उन्होंने किसी अन्य के सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करते हुए तेजस्वी यादव के साये बने राज्यसभा सांसद संजय यादव को निशाने पर लिया था। उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सांसद संजय यादव को निशाना साधते हुए लिखा था कि लालू-तेजस्वी की जगह लेने की कोशिश करने वालों को देखना पसंद नहीं करती हैं।
