पैंतीस वर्षों पूर्व किये गये कब्जे को लेखपाल व कानूनगो ने कराया मुक्त

अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। प्रदेश में भूमाफिया आज भी हावी हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार है, लेकिन फिर भी दबंग पीडि़त गरीब मजदूरों की जमीन कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसको लेकर प्रशासन कड़ा रुख अपनाए है, लेकिन भू-माफिया हंै कि मानते ही नहीं।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी पीडि़त युवक शिवकुमार, बृजनाथ, अमर सिंह, जगन्नाथ पुत्रगण सर्वेंद्र आदि लोगों ने बताया कि सन् 1990 के करीब गांव में चकबंदी हुई थी, तभी से दबंग चचेरे भाईयों ने 13 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर लिया था। पीडि़तों के द्वारा कई बार कहा गया की जमीन से कब्जा छोड़ दो। इसी बात से गुस्साए दबंगों के द्वारा कई बार गाली-गलौज व मारपीट की गई। पीडि़त ने बताया है कि कई बार तहसील समाधान दिवस, थाना दिवस, जिला अधिकारी आदि को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीडि़त के द्वारा उप जिला अधिकारी कोर्ट में मेड़बंदी डाली गई। इसके उपरांत कानूनगों उदय प्रताप, लेखपाल सावन यादव मौके पर पुलिस फोर्स लेकर पहुंच। पैमाइश शुरू हुई, तो दबंग कुनेंद्रपाल पुत्र रामचंद्र, महेंद्रपाल पुत्र रामचंद्र के खेत में पीडि़त का 13 डिसिमल खेत निकल आया। जिसको लेखपाल, कानूनगो ने पीडि़त पक्ष को कब्जा दिला दिया तथा निशान लगवा दिया। पीडि़त परिवार का कहना है कि अगर कोई भी घटना हमारे परिवार के साथ घटित होती है तो इसके लिए जिम्मेदार यही व्यक्ति होंगे तथा कानूनगो व लेखपाल के द्वारा गांव में ही चकमार्ग को लेकर पीडि़त अखिलेश, गौरव, कृष्ण चंद्र पुत्र रामविलास तथा कृष्णपाल पुत्र बलवंत में विवाद चल रहा था। 2 मीटर का चकमार्ग 1 मीटर की नाली नक्शे में दर्ज थी, जो कि लेखपाल ने तत्काल ही पुलिस फोर्स के सामने खुला दी। कहा है कि अगर दोबारा कब्जा किया तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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