
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव ने आयुक्त एवं सचिव राज्य परिषद उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर मांग की है कि लेखपालों की कम संख्या एवं कार्य की अधिकता के दृष्टिगत कृषि विभाग के एग्रो स्टैक फसल सर्वे कार्य करने में असमर्थ है। प्रदेश में लेखपालों के सृजित ३०८३७ पदों के सापेक्ष लगभग ५० प्रतिशत पद रिक्त हैं। लेखपाल दो तीन लोगों का अतिरिक्त प्रभार रखने को विवश हैं। खतौनी निर्माण, अंश निवारण, ऑनलाइन खतरा फीडिंग, संशोधन, टीआरएस टेबल, क्रॉप कटिंग, मालगुजारी, जमाबंदी, मेड़बंदी, पैमाइश, ग्राम समाज सम्पत्ति अतिक्रमण मुक्त कराने, अविवादित बरासत, आपदा प्रबंधन, मुख्यमंत्री संदर्भ जन सुनवाई, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस आदि का निस्तारण करने के लिए साथ-साथ अन्य विभागों के कार्य के अलावा कृषि विभाग की किसान सम्मान योजना, पंचायत विभाग की स्वामित्व योजना, समाज कल्याण विभाग की परिवारिक लाभ योजना, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र व जांच ई डिस्ट्रिक्ट योजना आदि का भार लेखपाल पर डाल दिया गया है। इन कारणों के निस्तारण में लेखपाल के खिलाफ उत्पीडऩ की कार्यवाही की जाती है। खसरा संशोधन, कृषि गणना, रियल टाइम खतौनी, ऑनलाइन विरासत आदि के साफ्टवेयर इतना निम्न कोटि के तैयार किये गये हैं उन पर कार्य करना दूभर हैं। सर्वर पर्याप्त लोड लेनेकी स्थिति में नहीं रहता है। इसके बावजूद किसान सम्मान निधि, कृषि कार्य आदि विभाग के कार्य लेखपाल को करने होते हैं। भारत सरकार के कृषक मंत्रालय के पत्र ३० मई २०२३ के संकलन के ४.८ के अनुसार राज्य सरकार सर्वे कार्य राज्य कर्मचारियों अथवा प्राइवेट व्यक्तियों से कर सकती है। कृषि विभाग अपनी योजना का क्रियान्वयन अपने विभाग के कर्मचारियों तथा प्राइवेट साफ्टवेयर के माध्यम से करें। अकेले लेखपाल संवर्ग इतना कार्य करने में असमर्थ है। इस संबंध में लेखपाल संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
