अवैध शस्त्र से हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

 27 हजार रुपए के अर्थदंड से किया गया दंडित
आरोपी ने अपनी भाभी की गोली मारकर की थी हत्या
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 8 न्यायाधीश दीपेंद्र कुमार सिंह ने हत्या के मामले में आनंद कुमार पुत्र रामस्वरूप गुप्ता निवासी सिरौली नवाबगंज को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास व 27 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
बीते 22 वर्ष पूर्व थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम सिरौली निवासी आनंद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि ०१ मई 2005 की रात में मेरे छोटे भाई आदेश की पत्नी अपने बच्चों सहित अपने मकान की छत पर सो रही थी। मैं अपनी दुकान के समाने सडक़ के किनारे लेटा था तथा विशुन दयाल मेरे भाई के मकान के समाने ट्रक के पास लेटा हुआ था। रात लगभग 12 बजे दो फायरों की आवाज हुई। मेरे भाई के सो रहे बच्चे चिल्लाये। जिस पर मंै व विशुनदयाल भी जाग गए। मेरे भाई के मकान की छत से जीने से उतरकर दो आदमी भागे। जिन्हें चांद की रोशनी में मैंने व विशुनदयाल ने देखा। जिन्हें समाने आने पर पहचान सकते हैं। हम लोगों ने छत पर जाकर देखा कि मेरे भाई की पत्नी अतुल गुप्ता मृतक पड़ी हुई थीं। जिसके शरीर पर गोलियों के निशान थे। जीने से उतरकर भागने वालों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने जांच पड़ताल कर आनंद, विनय कुमार, योगेन्द्र के विरुद्ध न्यायलय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमा विचारण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतका अतुल गुप्ता के पति की एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी। उसके पांच बच्चे थे। योगेंद्र ने आनंद के पुत्र विनय को गोद लिया था। मृतका अतुल गुप्ता की योगेंद्र के साथ नजदीकियां थी। आनद को यह शक था। योगेन्द्र ने मेरे पुत्र को गोद लिया था। कहीं उसकी सम्पत्ति कम न हो जाए। इसलिए आनंद ने अपने भाई की पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश दीपेंद्र कुमार सिंह ने आनंद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 27 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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