मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले पांच आरोपियों को उम्रकैद

दो कन्नौज व तीन फर्रुखाबाद निवासी
समृद्धि न्यूज। मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा ने सभी दोषियों को उम्रकैद और 1.81 लाख रुपये प्रत्येक को अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड की राशि का आधा हिस्सा पीडि़त बेटी और उसकी मां को दिया जाएगा। बुलंदशहर में एनएच-91 पर मां-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने मामले में शामिल सभी 5 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है, साथ ही साथ हर दोषियों पर 1 लाख 81 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला अपर जनपद सत्र न्यायाधीश पोक्सो ओम प्रकाश तृतीय ने सुनाया। फैसले के समय अदालत में पीडि़त परिवार भी मौजूद था। 29 जुलाई 2016 में कुछ लोगों ने हाईवे पर एक परिवार को बंधक बनकार नाबालिग बेटी और मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था, पुलिस ने इस मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया था, जिसमें दो का एनकाउंटर भी हो चुका है और एक की बीमारी से मौत हो चुकी है।
बताते चले कि 28 जुलाई की रात नोएडा निवासी एक परिवार के छह सदस्य शाहजहांपुर अपने पैतृक गांव में एक तेरहवीं में शामिल होने के लिए जा रहे थे। देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार पर कुछ लोहे की वस्तु फेंक कर रुकवा लिया था। इसके बाद आरोपियों ने कार सवार किशोरी, उसके पिता, मां, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बनाया और कार समेत सडक़ के दूसरी तरफ एक खेत में ले गए। जहा, आरोपियों ने तीनों पुरुषों के हाथ पैर बांध दिए और वादी मुकदमा की 14 वर्षीय किशोरी व पत्नी के साथ आरोपियों ने खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी वहां से लूटपाट कर भाग निकले थे। मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही सामने आई और एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर शासन स्तर से कार्रवाई की गई। आनन-फानन में पुलिस ने तब कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया था। घटना का मुख्य आरोपी सलीम बावरिया था, जिसे पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। उसका एक साथी भी मारा गया था, जबकि एक की मौत बीमारी से हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
सीबीआई की जांच में बावरिया गिरोह के आरोपी जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, सलीम उर्फ बीना उर्फ दीवानजी साजिद निवासीगण गांव इटखारी बिनौरा थाना तिरवा जनपद कन्नौज और इनके तीन साथी रहीसुद्दीन, जावेद उर्फ शावेज और जबर सिंह के नाम प्रकाश में आए। जांच पूरी होने पर सीबीआई ने आरोपी जुबैर, सलीम और साजिद के खिलाफ चार्जशीर्ट तैयार की और न्यायालय में दाखिल कर दी थी। जबकि सीबीआई ने अपनी जांच में 3 आरोपियों को मामले से अलग कर दिया था, जबकि बचे आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। अब करीब 9 साल बाद कोर्ट ने कन्नौज निवासी जुबैर और साजिद तथा फर्रुखाबाद के धर्मवीर, नरेश और सुनील को आजीवन कारावास की सजा हुनाई है। दरिंदों ने जिस जगह पर घटना को अंजाम दिया था वो जिला मुख्यालय से महज 5 किमी दूर था। घटनास्थल से देहात कोतवाली मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर थी, इसके बाद भी बेखौफ बदमाशों ने हाईवे से गुजर रहे एक परिवार को निशाना बनाया और फिर सभी को बंधक बनाकर मां और नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया था।

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