हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास

चारों अभियुक्तों पर 4  लाख 28 हजार लगाया गया जुर्माना
आरोपियों ने दिनदहाड़े खेत में की थी ग्रामीण की हत्या
शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। अवैध शस्त्र व धारदार हथियार से हत्या करने वाले आरोपी गुड्डू उर्फ शिशुपाल, नन्हें, भूरे पुत्रगण मालिखान निवासीगण पहाड़पुर वैरागर शमशाबाद, सरविंद यादव निवासी पंचमनगला मोहम्मदाबाद को अपर जिला जज कक्ष संख्या-5 न्यायाधीश रीतिका त्यागी ने दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास से दंडित किया है।
बीते 21 वर्षों पूर्व थाना शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर वैरागर निवासी राकेश कुमार पुत्र हरिश्चंद्र यादव ने थाना पुलिस को दी गईं तहरीर में बताया की घटना के लगभग डेढ़ साल पहले मेरे गांव के हरिपाल पुत्र मलिखान की हत्या ग्राम नगला देवीदास, मौजा पहाड़पुर वैरागर के विमल यादव व उनके परिजनों ने कर दी थी। यह मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। कुछ दिनों से विमल का मेरे पास आना जाना था। जिसकी वजह से हरिपाल के भाई हमसे रंजिश मानने लगे। मेरा भाई वालेश मेरे गांव के दक्षिण पूरब में स्थित मक्का के खेत से चारा काट रहा था तथा मेरे पिता हरिश्चंद्र व मेरी बहन प्रीति उसी खेत की मक्का रखा रहे थे। बराबर के खेत में मेरे ताऊ सत्यराम अपनी मक्का रखा रहे थे। समय करीब नौ बजे दिन में मेरे गांव के गुड्डू, नन्हें, भूरे पुत्रगण मलिखान, उनके रिश्तेदार सरविंद गाली-गलौज करते हुए आये। नन्हें व गुड्डू हाथ में तमंचे लिए थे। भूरे अपने हाथ में फावड़ा, सरविंद के हाथ में चाकू था। चारों ने मेरे भाई वालेश को चारा काटते समय घेर लिया और कहा की साले तुम लोग हमारे दुश्मनों के पास बैठते हो उसकी मदद करते हो तुम्हें आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इतने में नन्हें ने वालेश के ऊपर तमंचे से फायर कर दिया, जो उसके गर्दन के नीचे छाती में लगा। गोली लगते ही वालेश वहीं खेत पर गिर गया। भूरे ने फावड़े से वार किया। इतने में मैं व मेरे पिता, बहन वालेश को बचाने के लिए भागे और मेरे ताऊ सत्यराम भी दौडक़र आए। गुड्डू ने हम लोगों के ऊपर जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर किया। किसी भी तरह से हम लोग बाल-बाल बचे और कहा की पास में आए तो जान से मार देंगे। इस बीच सरविंद ने चाकू से मेरे भाई के गुप्तांग पर वार किया। जिससे वालेश की मौके पर मौत हो गयी। थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता भानु प्रकाश मिश्र की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश रीतिका त्यागी ने गुड्डू, नन्हें, भूरे, सरविंद को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास तथा गुड्डू उर्फ शिशुपाल को एक लाख बीस हज़ार पांच सौ रुपए जुर्माना, नन्हें उर्फ महिपाल को एक लाख पांच हजार पांच सौ रुपए जुर्माना, भूरे को एक लाख पांच सौ रुपए, सरविंद को एक लाख पंद्रह सौ रुपए से दंडित किया।

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