फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। जिला जज एंव सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने हत्या के मामले में अनुज दीक्षित उर्फ करु पुत्र स्व0 प्रभाकर दीक्षित निवासी संकिसा थाना मेरापुर को दोषी करार देते हुए आजीवन करावास से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार बीते 9 वर्ष पूर्व थाना मेरापुर क्षेत्र ग्राम संकिसा बसंतपुर निवासी तिलक सिंह पुत्र स्व देवदत्त ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया कि मेरा पुत्र अतिराज उर्फ गंगू ट्रक ड्राइवर है। जो कि दिनांक 6 मार्च 2015 को लगभग 7 बजे लेकर ट्रक लेकर आया। जिसे आटा चक्की के आगे खड़ा कर रहा था। उसी समय अनुज दीक्षित से कहासुनी व मारपीट हुई। जिस पर गॉव के लोगों ने बीच बचाव कर दिया।

कुछ दिन बाद अनुज उर्फ करू ने मौका मिलने पर समय करीब 9 बजे जब मेरा पुत्र अतिराज व भाई बदन सिंह होली मिलकर सडक़ की ओर जा रहे थे। मेरा पुत्र लगभग 10 कदम आगे चल रहा। मैं और मेरा भाई पीछे चल रहे थे। पहले से घात लगाए खड़े अनुज ने जान से मारने की नियत से तमंचा से फायर कर दिया है। गोली मेरे पुत्र के लगी। अनुज के साथ अरुण उर्फ बंटी, कुलदीप ने मेरे व मेरे भाई के ऊपर जान से मारने की नियत से हमला कर दिया। पड़ोस के मकान में लगे बल्व की रोशनी में उन लोगों को पहचान लिया। हम लोग अतिराज को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृतक घोषित कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता स्वदेश प्रताप सिंह, श्रवण कुमार सिंह की पैरवी के आधार न्यायाधीश ने अनुज उर्फ करू को दोषी करार देते आजीवन कारावास व 24 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। साक्ष्य के अभाव से अरुण उर्फ बंटी, चिंटू उर्फ कुलदीप को दोष मुक्त कर दिया।
